Indian Markets: रिकवरी की कोशिश में बाजार! Fed का फैसला और कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

ECONOMY
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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Markets: रिकवरी की कोशिश में बाजार! Fed का फैसला और कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

Nifty 50 के पांच महीने के निचले स्तर **23,118** पर पहुंचने के बाद भारतीय बाजारों में संभलने की कोशिश दिख रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बीच, तीन नए IPO की दस्तक से लिक्विडिटी के लिए खींचतान मची है।

बाजार का मूड और चुनौतियां

16 सितंबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में एक संभली हुई शुरुआत देखी जा रही है। पिछले सत्र में Nifty 50 इंडेक्स गिरकर 23,118.60 के स्तर तक आ गया था, जो पिछले पांच महीनों का निचला स्तर है। हालांकि बाजार हरे निशान में खुलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता के कारण माहौल अभी भी काफी नाजुक बना हुआ है।

अमेरिकी फेड और बॉन्ड यील्ड का दबाव

निवेशकों की नजरें पूरी तरह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी हैं, जहां आज 25 बेसिस पॉइंट्स की दर वृद्धि की उम्मीद है। वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5% के पार निकल चुकी है, जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। यह स्थिति विदेशी निवेशकों (FIIs) को उभरते बाजारों से दूर खींच रही है, जिससे भारतीय शेयरों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

कच्चे तेल की आग

सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन में सप्लाई में रुकावट के कारण ब्रेंट क्रूड $107 से $108 प्रति बैरल के आसपास मंडरा रहा है। भारत के लिए यह दोहरा खतरा है—इससे न केवल ट्रेड डेफिसिट बढ़ने का डर है, बल्कि महंगाई भी बढ़ रही है जो कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर चोट कर सकती है।

IPO का जमावड़ा और लिक्विडिटी

प्राइमरी मार्केट में आज हलचल तेज है, जहां Hero Motors, SS Retail और Jindal Supreme (India) के IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहे हैं। जब एक साथ तीन बड़े IPO आते हैं, तो सेकेंडरी मार्केट से लिक्विडिटी खिंच जाती है। बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशक अक्सर अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करते हैं, जिससे मौजूदा शेयरों में तेजी की उम्मीदें अस्थायी रूप से कम हो जाती हैं।

बाजार की अगली दिशा अमेरिकी फेड के फैसले और क्रूड सप्लाई के अपडेट पर निर्भर करेगी। साथ ही, इन IPO को मिलने वाला रिस्पॉन्स यह तय करेगा कि क्या घरेलू लिक्विडिटी बाजार को सपोर्ट करने के लिए काफी है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.