Indian Market: क्रूड ऑयल की आग और FII की बिकवाली से बाजार धड़ाम, क्या और गिरेगा निफ्टी?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Market: क्रूड ऑयल की आग और FII की बिकवाली से बाजार धड़ाम, क्या और गिरेगा निफ्टी?

ग्लोबल मार्केट के खराब संकेतों और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार पर भारी दबाव है। FII की ताबड़तोड़ बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे प्रमुख इंडेक्स अपने अहम सपोर्ट जोन की परीक्षा ले रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार इस समय चौतरफा दबाव में है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $105 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे भारत में महंगाई और बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। देश में होलसेल इन्फ्लेशन 9.92% और रिटेल इन्फ्लेशन 4.82% के स्तर पर है। इन आंकड़ों के चलते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें अब लगभग खत्म हो चुकी हैं, जो कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी के लिए बड़ा झटका है।

ग्लोबल संकट और FII की निकासी

अमेरिकी अर्थव्यवस्था का असर भी साफ दिख रहा है। US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.1% के पार और 30-वर्षीय नोट्स 5.44% तक पहुंच गए हैं। सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी बॉन्ड्स पर बेहतर रिटर्न मिलने के कारण विदेशी निवेशक (FII) इमर्जिंग मार्केट से पैसा निकाल रहे हैं। इसका असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा, जहां FII ने एक ही दिन में ₹5,027 करोड़ के शेयर बेच दिए, जो इस महीने की सबसे बड़ी बिकवाली है।

टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?

निफ्टी के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। इंडेक्स 23,070 के जून 2026 के स्विंग-लो के नीचे बंद हुआ है और 23,300 के स्तर को दोबारा हासिल करने में नाकाम रहा है। अब मार्केट की नजर 22,800 से 23,000 की रेंज पर है, जो अगला मजबूत सपोर्ट हो सकता है। रिकवरी आने पर 23,220 के स्तर पर कड़ी रेजिस्टेंस देखने को मिल सकती है।

सेक्टर पर असर

सिर्फ इंडेक्स ही नहीं, इंश्योरेंस सेक्टर भी दबाव में है। कमीशन स्ट्रक्चर में बदलाव के रेगुलेटरी प्रस्तावों के कारण PB Fintech जैसे डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों को सलाह है कि वे अब महंगाई के आंकड़ों और क्रूड ऑयल की चाल पर बारीक नजर रखें, क्योंकि यही आगे की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.