Indian Market: क्रूड ऑयल के भाव $110 के पार, सेंसेक्स-निफ्टी की बढ़त पर लगा ब्रेक

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Market: क्रूड ऑयल के भाव $110 के पार, सेंसेक्स-निफ्टी की बढ़त पर लगा ब्रेक

ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और क्रूड ऑयल (Brent Crude) में तेजी के कारण भारतीय बाजारों की दो हफ्ते की विजयी दौड़ थम गई है। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के बीच स्मॉल-कैप शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा है, जो लिक्विडिटी की चिंताओं के चलते **7%** से ज्यादा लुढ़क गए हैं।

बाजार पर दबाव क्यों?

इस हफ्ते भारतीय बाजार में निवेशकों की घबराहट साफ नजर आई। सेंसेक्स 2.15% और निफ्टी 50 2.36% गिरकर बंद हुआ है। इस गिरावट की मुख्य वजह क्रूड ऑयल का $110 प्रति बैरल के करीब पहुंचना है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने का डर पैदा हो गया है।

नतीजों के बाद भी क्यों गिरे शेयर?

बीते दिनों BSE-लिस्टेड कंपनियों ने 18.1% रेवेन्यू ग्रोथ और 25.9% का शानदार मुनाफा दिखाया था। इसके बावजूद, ट्रेडर्स पुराने डेटा को नजरअंदाज कर रहे हैं और अब भविष्य की चुनौतियों पर फोकस कर रहे हैं। इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

स्मॉल-कैप शेयरों में तगड़ी पिटाई

सबसे ज्यादा बुरा हाल स्मॉल-कैप सेगमेंट का रहा। Nifty Smallcap 250 इंडेक्स इस हफ्ते 7.1% तक गिर गया। महंगे वैल्यूएशन और हालिया बड़े IPOs के कारण बाजार में लिक्विडिटी कम हुई है, जिसका सीधा असर छोटे शेयरों पर पड़ा है।

सेक्टर का हाल

कैपिटल गुड्स और पावर कंपनियों के शेयरों में 6% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। यह ट्रेंड केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि हांगकांग का Hang Seng और जापान का Nikkei 225 भी इस हफ्ते लाल निशान में बंद हुए हैं।

अब आगे क्या?

बाजार की नजर अब Larsen & Toubro, Tata Steel और Sun Pharma Industries जैसे बड़े दिग्गजों के मैनेजमेंट कमेंट्री पर है। निवेशक यह जानना चाहते हैं कि कंपनियां बढ़ती लागत और डिमांड के दबाव को कैसे मैनेज करेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.