Indian Manufacturing Sector: मुनाफे में आई **21%** की जबरदस्त उछाल, जानें क्या है कंपनियों की सक्सेस स्टोरी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Manufacturing Sector: मुनाफे में आई **21%** की जबरदस्त उछाल, जानें क्या है कंपनियों की सक्सेस स्टोरी

RBI के नए डेटा के मुताबिक, भारतीय मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने Q1 FY27 में **21.3%** का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया है। कच्चे माल (raw material) की लागत में **27.5%** की बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद कंपनियों ने सेल्स में दम दिखाकर शानदार प्रदर्शन किया है।

भारतीय लिस्टेड कंपनियों ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही में उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन दिखाया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 3,247 नॉन-गवर्नमेंट और नॉन-फाइनेंशियल कंपनियों के आंकड़ों से पता चलता है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 21.3% बढ़ा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर की आखिरी तिमाही में यह ग्रोथ महज 9.4% थी, जिससे साफ है कि रफ्तार काफी तेज हुई है।

सेल्स और डिमांड का दम

मुनाफे में इस उछाल के पीछे मुख्य वजह बिक्री में आई तेजी है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सेल्स में 21.4% का इजाफा हुआ, जिसमें ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज का योगदान सबसे ज्यादा रहा। प्राइवेट सेक्टर की कुल सेल्स ग्रोथ अप्रैल-जून के दौरान 19.4% रही। वहीं, IT सेक्टर में 14.8% और नॉन-IT सर्विसेज में 19.7% की ग्रोथ देखी गई।

कैसे मैनेज हुई बढ़ती लागत?

सबसे बड़ी चुनौती रॉ मटेरियल की कीमतों का 27.5% बढ़ना था। इतनी भारी महंगाई के बावजूद कंपनियों ने अपने मार्जिन को प्रोटेक्ट किया है। रॉ मटेरियल-टू-सेल्स रेश्यो 58.5% से घटकर 58.1% पर आ गया, जो यह दिखाता है कि कंपनियों ने या तो दाम ग्राहकों पर शिफ्ट किए या प्रोडक्शन प्रोसेस को बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज किया है।

क्या है आगे का रिस्क?

कंपनियों का इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो 10.2 रहा है, जो उनकी कर्ज चुकाने की मजबूत क्षमता को दर्शाता है। हालांकि, चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्टाफ कॉस्ट 12.4% और नॉन-IT सर्विसेज में 11.2% बढ़ी है। ग्लोबल सप्लाई चेन में अस्थिरता और बढ़ती हुई ओवरहेड कॉस्ट भविष्य में मुनाफे पर दबाव डाल सकती है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनियां आगे भी अपनी प्राइसिंग पावर बनाए रख पाएंगी या बढ़ती लागत उनके मार्जिन को धीरे-धीरे कम करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.