फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में भारतीय निवेशकों ने घरेलू सेक्टर जैसे Realty, Defence और Pharma पर बड़ा भरोसा जताया है। इन सेक्टर्स में **30%** तक का उछाल देखा गया है, लेकिन अब बढ़ते ब्याज दरों और महंगाई के दबाव के कारण निवेशकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
घरेलू सेक्टर्स का दबदबा
ग्लोबल अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित ठिकाना ढूंढ लिया है। आंकड़े गवाह हैं कि Nifty Realty, Nifty India Defence और Nifty Pharma इंडेक्स में 30% तक की बढ़त दर्ज की गई है। इसके उलट, Nifty IT, Nifty FMCG और Nifty CPSE जैसे सेक्टर पिछड़ गए हैं, जिनमें 10% तक की गिरावट देखी गई है।
क्यों चमक रहे हैं ये सेक्टर?
डिफेंस सेक्टर में सरकार के ₹7.85 ट्रिलियन के बजट आवंटन और स्वदेशीकरण (indigenization) पर जोर ने कंपनियों के वैल्युएशन को एक मजबूत आधार दिया है। वहीं, फार्मा सेक्टर को लगातार बढ़ रहे एक्सपोर्ट से फायदा मिला है, जिसने अंतरराष्ट्रीय उठा-पटक के असर को कम कर दिया है।
सावधान! आगे बढ़ सकती हैं चुनौतियां
दूसरी छमाही में निवेशकों के लिए सबसे बड़ा 'मॉनिटरेबल' फैक्टर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा संभावित ब्याज दरें बढ़ाना है। यदि दरें बढ़ती हैं, तो होम लोन महंगे होंगे, जिससे रियल एस्टेट की मांग पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, मार्जिन का दबाव भी एक बड़ा रिस्क है। कच्चे माल, एनर्जी और फ्रेट की लागत बढ़ने से फार्मा कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन में 150 से 200 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट की आशंका है। रियल एस्टेट कंपनियों को भी ज़मीन और कंस्ट्रक्शन की बढ़ती लागत से जूझना पड़ रहा है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों पर होगी कि क्या वे लागत बढ़ने के बावजूद अपना मुनाफा बरकरार रख पाती हैं या नहीं।
