ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के बीच आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रह सकती है। GIFT Nifty में **187 अंकों** की गिरावट देखी जा रही है, जो बाजार में बिकवाली का दबाव साफ कर रही है।
बाजार पर ग्लोबल दबाव
अमेरिकी बाजारों में आई बिकवाली का असर भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty पर पड़ता दिख रहा है। गुरुवार को बाजार खुलते ही दबाव देखने को मिल सकता है। GIFT Nifty फिलहाल 23,258 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो बुधवार की क्लोजिंग से करीब 0.8% नीचे है।
इस कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का बढ़ना है, जो 2007 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। जैसे-जैसे अमेरिकी बॉन्ड्स में रिटर्न बढ़ता है, विदेशी निवेशक भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा, मजबूत अमेरिकी बिजनेस डेटा के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में सख्ती बनाए रखने की आशंका ने निवेशकों का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है।
राहत की बात: डोमेस्टिक सपोर्ट
हालांकि ग्लोबल संकेत कमजोर हैं, लेकिन बुधवार के सेशन में इंस्टिट्यूशनल एक्टिविटी ने हिम्मत दिखाई थी। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹1,600 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹2,341 करोड़ का निवेश किया। यह घरेलू मांग आज बाजार को एक सीमित दायरे में सहारा दे सकती है।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
मार्केट एक्सपर्ट्स अब Nifty के 23,200 के अहम सपोर्ट जोन पर नजरें जमाए हुए हैं। यदि बाजार इस स्तर को नहीं बचा पाया, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। ऊपरी तरफ 23,500 पर रेजिस्टेंस बना रहेगा। इस उठापटक के दौर में बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों पर खास नजर रखें, क्योंकि ये ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स और करेंसी में बदलाव के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में भी हलचल जारी है। ब्रेंट क्रूड $102.13 प्रति बैरल के आसपास है, जो भारत जैसे इम्पोर्ट-डिपेंडेंट देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
