Indian Equities: विदेशी निवेशकों ने झोंके **₹23,544 करोड़**, फिर भी बाजार क्यों है सुस्त?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Equities: विदेशी निवेशकों ने झोंके **₹23,544 करोड़**, फिर भी बाजार क्यों है सुस्त?

आज भारतीय बाजार में सतर्कता का माहौल है। अगस्त में FPIs ने **₹23,544 करोड़** की भारी खरीदारी की है, लेकिन क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और ग्लोबल मैक्रो चिंताओं के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है।

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 28 अगस्त, 2026 को सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty के आंकड़ों के अनुसार बाजार 24,260 के स्तर के करीब खुल सकता है। पिछले एक महीने में भारतीय इक्विटी मार्केट में करीब $10 बिलियन के सौदे हुए हैं, जिसमें घरेलू म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों की बड़ी भूमिका रही है।

एफपीआई (FPI) का भरोसा और बाजार का डर

अगस्त का महीना विदेशी निवेशकों (FPIs) के लिए काफी सकारात्मक रहा है, जिन्होंने भारतीय इक्विटी में ₹23,544 करोड़ का नेट निवेश किया है। कई महीनों की बिकवाली के बाद यह एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, इतनी बड़ी लिक्विडिटी के बावजूद इंडेक्स एक तय दायरे में फंसे हुए हैं और निवेशक ऊंचे वैल्युएशन पर प्रॉफिट-बुकिंग (Profit-booking) कर रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट की चुनौतियां

बाजार पर इस समय ग्लोबल मैक्रो फैक्टर्स का भारी असर है। क्रूड ऑयल की कीमतें $83 से $84 प्रति बैरल के बीच बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई चेन की अस्थिरता का असर भारतीय रुपये और विदेशी निवेश के फ्लो पर पड़ सकता है।

यूएस का 'इंटरेस्ट रेट' गेम

अमेरिका में महंगाई के आंकड़े अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की अगली चाल को लेकर मार्केट में काफी अनिश्चितता है, जिसके कारण निवेशक आक्रामक खरीदारी करने से बच रहे हैं। फिलहाल, बाजार का पूरा फोकस मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर है, जबकि स्पेकुलेटिव स्टॉक्स से दूरी बनाई जा रही है। आने वाले सत्रों में यह देखना अहम होगा कि क्या घरेलू लिक्विडिटी इन ग्लोबल दबावों को झेल पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.