Indian Entrepreneurs: विदेश जाने की तैयारी और AI पर बड़ा दांव, सर्वे में बड़े खुलासे

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Entrepreneurs: विदेश जाने की तैयारी और AI पर बड़ा दांव, सर्वे में बड़े खुलासे

HSBC की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, **74%** भारतीय उद्यमी विदेश में रेजिडेंसी की तलाश कर रहे हैं, जबकि **99%** कंपनियां अपने बिजनेस में AI को तेजी से अपना रही हैं।

ग्लोबल डायवर्सिफिकेशन की ओर झुकाव

HSBC का यह सर्वे भारतीय उद्यमियों के बीच दो बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है। जहाँ 74% उद्यमी अपनी वेल्थ को सुरक्षित करने और डायवर्सिफाई करने के लिए विदेशों में रेजिडेंसी देख रहे हैं, वहीं सिंगापुर उनकी पहली पसंद बना हुआ है। इसके अलावा फ्रांस, यूके और अमेरिका भी प्राथमिकता में हैं। निवेशकों के लिए समझने वाली बात यह है कि ये उद्यमी पर्सनल लाइफ में तो सतर्क हैं, लेकिन बिजनेस में रिस्क लेने से पीछे नहीं हट रहे। सर्वे के अनुसार, 63% उद्यमी आज भी निवेश के लिए गोल्ड को सबसे सुरक्षित मानते हैं।

AI इन्वेस्टमेंट का नया मंत्र

बिजनेस ऑपरेशंस की बात करें तो 99% भारतीय उद्यमियों ने AI को अपना लिया है, जो ग्लोबल मानकों से काफी अधिक है। सबसे महत्वपूर्ण डेटा यह है कि कंपनियां अपने एनुअल टर्नओवर का 11% से 30% हिस्सा AI टेक्नोलॉजी पर खर्च करने की योजना बना रही हैं।

निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)

इतने बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी पर होने वाला खर्च शॉर्ट-टर्म में कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। साथ ही, पुराने लेगेसी IT सिस्टम के साथ नई AI तकनीक को जोड़ना एक बड़ी चुनौती है। हालांकि, सकारात्मक बात यह है कि 45% उद्यमियों का मानना है कि AI के आने से अगले 2 सालों में नौकरियों में कटौती नहीं, बल्कि विस्तार होगा। निवेशकों को अब इन कंपनियों के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए कि क्या यह बड़ा निवेश भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ और बेहतर प्रोडक्टिविटी में बदल पा रहा है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.