Indian CEOs Plan Hiring Spree: AI के दम पर बढ़ेगी भर्ती, KPMG सर्वे में बड़ा खुलासा

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Indian CEOs Plan Hiring Spree: AI के दम पर बढ़ेगी भर्ती, KPMG सर्वे में बड़ा खुलासा

ग्लोबल ट्रेंड्स के विपरीत भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर विस्तार और AI में निवेश की तैयारी कर रही हैं। KPMG के नए सर्वे के मुताबिक, **92%** CEO अगले तीन वर्षों में हायरिंग बढ़ाना चाहते हैं, हालांकि टेलेंट रिटेंशन एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

विस्तार की आक्रामक रणनीति

KPMG की ताजा CEO आउटलुक सर्वे रिपोर्ट में 125 भारतीय एग्जीक्यूटिव्स की राय शामिल की गई है। जहां दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता और जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कंपनियां सतर्क रुख अपना रही हैं, वहीं भारतीय कॉरपोरेट्स का भरोसा कायम है। सर्वे के अनुसार, 69% स्थानीय CEO देश के आर्थिक भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं, जो उन्हें ऑपरेशन बढ़ाने और टेक्नोलॉजी में भारी निवेश करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

AI का बदलता स्वरूप

भारतीय कंपनियां अब केवल AI के साथ प्रयोग करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अब इसके प्रैक्टिकल और आउटपुट-ओरिएंटेड इस्तेमाल पर जोर दे रही हैं। लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स और साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क्स के एकीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि निवेश पर स्पष्ट रिटर्न (ROI) सुनिश्चित किया जा सके।

भर्ती और टेलेंट का गणित

इस ग्रोथ प्लान के बीच सबसे बड़ी चिंता वर्कफोर्स मैनेजमेंट है। सर्वे में शामिल 92% CEO ने अगले तीन साल में अपनी टीम का आकार बढ़ाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, विकास के इस सफर में 54% लीडर्स ने टैलेंट एक्विजिशन और रिटेंशन को सबसे बड़ी बाधा बताया है। कंपनियों को अपने मौजूदा कर्मचारियों को नई टेक्नोलॉजी के मुताबिक ट्रेन करने के लिए भारी निवेश करना पड़ रहा है, जिससे शॉर्ट टर्म में ऑपरेशनल मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।

निवेशकों के लिए नजरिया

निवेशकों को अब यह देखने की जरूरत है कि क्या कंपनियां इन भारी निवेशों को बेहतर प्रॉफिट मार्जिन और टिकाऊ रेवेन्यू ग्रोथ में बदल पाती हैं। साइबर सिक्योरिटी का बढ़ता जोखिम और टेक्नोलॉजी का खर्च आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन पर बड़ा असर डालेगा, जिसे ट्रैक करना बेहद जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.