Indian Bonds: कच्चे तेल की आग से सरकारी बॉन्ड्स में बड़ी गिरावट, 10-Year Yield **7%** के पार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Bonds: कच्चे तेल की आग से सरकारी बॉन्ड्स में बड़ी गिरावट, 10-Year Yield **7%** के पार

2 सितंबर, 2026 को भारतीय सरकारी बॉन्ड्स में भारी बिकवाली देखी गई। 10-वर्षीय बेंचमार्क यील्ड तीन महीने में पहली बार **7%** के स्तर को पार कर गई है, जिसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में तनाव और ग्लोबल मार्केट में बढ़ती महंगाई की चिंता है।

बॉन्ड मार्केट में क्यों मचा है हड़कंप?

बॉन्ड मार्केट का एक साधारण नियम है—जब यील्ड बढ़ती है, तो कीमतों में गिरावट आती है। आज वही स्थिति देखने को मिली जब 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड्स की यील्ड 7% के स्तर को पार कर गई। इसकी बड़ी वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल का $95 प्रति बैरल के पार जाना है, जो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण हुआ है। चूँकि भारत तेल का बड़ा आयातक (Importer) है, इसलिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें देश में 'इंपोर्टेड इन्फ्लेशन' का खतरा बढ़ा देती हैं।

ग्लोबल मार्केट का दबाव

केवल भारत ही नहीं, बल्कि ग्लोबल स्तर पर भी दबाव बना हुआ है। अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.8% तक पहुंच चुकी है। जब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिकी सुरक्षित डेट मार्केट की ओर रुख करते हैं, जिससे भारतीय बॉन्ड्स और रुपये पर दोहरा दबाव पड़ता है।

RBI की अगली चाल क्या होगी?

अब सबकी नजरें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) पर टिकी हैं। सेंट्रल बैंक के सामने बड़ी चुनौती है कि वह महंगाई को काबू में रखे और साथ ही आर्थिक विकास (Economic Growth) की रफ्तार को भी न थमने दे। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि महंगाई का दबाव बना रहा, तो दिसंबर 2026 तक RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कठोर फैसला ले सकता है।

शेयर बाजार पर असर

डेट मार्केट की इस सुस्ती का असर शेयर बाजार पर भी दिखा है। Nifty 50 और BSE Sensex दोनों में कमजोरी देखी गई है। अब निवेशक बारीकी से मॉनसून की स्थिति और जलाशय स्तरों पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि इनका सीधा असर फूड इन्फ्लेशन पर पड़ता है। यह देखना अहम होगा कि क्या यह सिर्फ एक अस्थायी सुधार (Correction) है या बाजार में लंबे समय तक रहने वाली मंदी की शुरुआत।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.