Indian Bond Yields: ₹34,000 करोड़ की सरकारी नीलामी से दबाव, बॉन्ड यील्ड में तेजी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Bond Yields: ₹34,000 करोड़ की सरकारी नीलामी से दबाव, बॉन्ड यील्ड में तेजी

सरकार आज ₹34,000 करोड़ के बॉन्ड की नीलामी कर रही है, जिससे मार्केट में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। बढ़ती महंगाई की चिंता और RBI के नए लिक्विडिटी नियमों ने बॉन्ड यील्ड को ऊपर धकेल दिया है।

भारतीय सरकारी बॉन्ड इस समय भारी दबाव में हैं क्योंकि ट्रेडर्स सरकार की साप्ताहिक कर्ज नीलामी की तैयारी कर रहे हैं। सरकार 6.94% 2036 के बेंचमार्क बॉन्ड के जरिए ₹34,000 करोड़ जुटाने जा रही है, जिससे इस सिक्योरिटी की कुल सप्लाई ₹2.38 लाख करोड़ हो जाएगी। मार्केट में चर्चा है कि इस नीलामी के कट-ऑफ यील्ड 7.40% के स्तर को पार कर सकते हैं।

महंगाई और मॉनेटरी पॉलिसी की चिंता

फिक्स्ड-इनकम मार्केट पर महंगाई का साया गहरा रहा है। सितंबर में कंज्यूमर इन्फ्लेशन 5.54% थी, और विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर में यह RBI की 6% की ऊपरी सीमा को पार कर सकती है। इस अनुमान के चलते दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलें तेज हो गई हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और करेंसी मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी है, जिससे निवेशकों ने अपनी भविष्य की उम्मीदों को बदलना शुरू कर दिया है।

नए लिक्विडिटी नियमों का असर

महंगाई के अलावा, लिक्विडिटी मैनेजमेंट में बदलाव ने भी बॉन्ड की कीमतों पर असर डाला है। RBI ने कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं, जिससे सिस्टम में लिक्विडिटी पर दबाव बढ़ा है। इस सख्ती का असर ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप (OIS) मार्केट में भी दिख रहा है, जहां एक साल की दर 10.50 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 6.5450% पर पहुंच गई है।

निवेशकों के लिए बॉन्ड यील्ड में यह बढ़ोतरी कर्ज की लागत और फिक्स्ड-इनकम रिटर्न को लेकर चिंताओं को दर्शाती है। आज की नीलामी के नतीजे यह तय करेंगे कि मौजूदा यील्ड स्तर पर फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस की मांग कैसी है, जो आने वाले दिनों में मार्केट का मूड तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.