Indian Bond Yields: ग्लोबल दबाव में बढ़ी चिंता, 7.1% के करीब पहुंचा बॉन्ड यील्ड

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Bond Yields: ग्लोबल दबाव में बढ़ी चिंता, 7.1% के करीब पहुंचा बॉन्ड यील्ड

ग्लोबल मार्केट में बढ़ते US Treasury रेट्स और कच्चे तेल की कीमतों में उठापटक के बीच भारतीय सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी देखी जा रही है। निवेशकों की नजर अब 7 अक्टूबर को होने वाली RBI की पॉलिसी मीटिंग पर टिकी है।

भारतीय सरकारी बॉन्ड यील्ड तेजी से 7.10% के स्तर की ओर बढ़ रही है। ग्लोबल मार्केट में सरकारी कर्ज पर मिलने वाले रिटर्न में उछाल का असर घरेलू बाजार पर साफ दिख रहा है। चूंकि बॉन्ड की कीमतें और यील्ड विपरीत दिशा में चलती हैं, इसलिए बेंचमार्क बॉन्ड की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को फिर से जांचने पर मजबूर कर दिया है।

ग्लोबल ट्रिगर्स का दबाव

इस गिरावट की मुख्य वजह बाहरी है। अमेरिका में 10-year Treasury yields साल 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिका से आ रहे मजबूत आर्थिक डेटा ने यह संकेत दिए हैं कि महंगाई लंबे समय तक बनी रह सकती है, जिससे भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स से कैपिटल आउटफ्लो का दबाव बढ़ गया है।

इसके अलावा, क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी चिंता का विषय है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल की ऊंची कीमतें महंगाई के आंकड़ों को प्रभावित करती हैं। अगस्त में रिटेल महंगाई 4.82% पर रही थी, जिससे रिजर्व बैंक के लिए ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है।

7 अक्टूबर की मीटिंग पर नजर

मार्केट का मूड अब सतर्क हो गया है। निवेशकों को डर है कि Monetary Policy Committee (MPC) की बैठक में केंद्रीय बैंक का रुख 'हॉकिश' (Hawkish) रह सकता है। यदि RBI ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने का संकेत देता है, तो बॉन्ड यील्ड में और हलचल देखने को मिल सकती है।

डेट फंड्स (Debt Funds) के निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यील्ड बढ़ने का सीधा मतलब मौजूदा बॉन्ड होल्डिंग्स की वैल्यू में कमी आना है, क्योंकि नई जारी होने वाली सिक्योरिटीज अधिक ब्याज दर पर आ रही हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.