ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी सियासी घटनाक्रमों के बीच भारतीय सरकारी बॉन्ड में तेजी का दौर जारी है। 10-वर्षीय बेंचमार्क यील्ड घटकर **7.26%** पर आ गई है, जो निवेशकों के बीच बेहतर सेंटीमेंट को दर्शाता है।
भारतीय सरकारी बॉन्ड की कीमतों में बुधवार को लगातार तीसरे दिन मजबूती देखी गई। बेंचमार्क 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड घटकर 7.26% पर आ गई है, जो घरेलू ब्याज दरों के नजरिए को लेकर निवेशकों के बीच बढ़ती सकारात्मकता का संकेत है।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
इस रैली के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में आई नरमी है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है, इसलिए ऊर्जा की लागत का सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। तेल सस्ता होने से न केवल आयात बिल कम होता है, बल्कि महंगाई का दबाव भी घटता है, जिससे केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावना कम हो जाती है।
अमेरिकी राजनीति का प्रभाव
अमेरिकी चुनाव नतीजों और वहां की संसद में संभावित 'लेजिस्लेटिव ग्रिडलॉक' ने भी ग्लोबल सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। बाजार का मानना है कि वहां बंटी हुई सरकार सरकारी खर्च पर लगाम लगा सकती है, जिससे यूएस फेडरल रिजर्व पर नीतिगत सख्ती का दबाव कम हो सकता है। जैसे ही अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें कम होती हैं, भारतीय बॉन्ड जैसे उभरते बाजारों का कर्ज ग्लोबल निवेशकों के लिए आकर्षक बन जाता है।
ओआईएस (OIS) मार्केट में शिफ्ट
यह बेहतर सेंटीमेंट ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप (OIS) मार्केट में भी साफ दिख रहा है। स्वैप दरों में आई गिरावट यह बताती है कि ट्रेडर्स भविष्य में घरेलू दरें बढ़ने की अटकलों से पीछे हट रहे हैं। बाजार अब निकट भविष्य में अधिक स्थिर ब्याज दर वाले माहौल की उम्मीद कर रहा है।
जोखिम और सतर्कता
बाजार में मौजूदा रुख सकारात्मक जरूर है, लेकिन ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अस्थिरता अभी भी एक बड़ा जोखिम है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव को लेकर निवेशक सतर्क हैं, क्योंकि आपूर्ति में कोई भी व्यवधान फिर से तेल कीमतों को बढ़ा सकता है।
इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) महंगाई पर लगाम रखने के लिए लिक्विडिटी और ब्याज दरों को लेकर अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए है। हालांकि बाजार का मूड बदला है, लेकिन आरबीआई का फैसला पूरी तरह से भविष्य के डेटा और आर्थिक परिस्थितियों पर ही निर्भर करेगा।
