Indian 10-Year Bond Yield: ग्लोबल बिकवाली का असर, बॉन्ड यील्ड उछलकर **7.13%** पर पहुंची

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian 10-Year Bond Yield: ग्लोबल बिकवाली का असर, बॉन्ड यील्ड उछलकर **7.13%** पर पहुंची

ग्लोबल मार्केट में मची खलबली के बीच भारतीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड बुधवार को बढ़कर **7.1281%** पर पहुंच गई है। अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड में आए उछाल ने भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे भविष्य में ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

बॉन्ड मार्केट में हलचल क्यों?

बुधवार को बेंचमार्क भारतीय 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड पिछले क्लोज 7.1067% से बढ़कर 7.1281% हो गई। बॉन्ड मार्केट के गणित में, यील्ड और कीमतों का रिश्ता उल्टा होता है। जब यील्ड बढ़ती है, तो इसका मतलब है कि बॉन्ड की कीमतें गिर रही हैं, क्योंकि निवेशक बेहतर रिटर्न की मांग कर रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट का दबाव

यह गिरावट पूरी दुनिया में दिख रही है। अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.1% के स्तर को पार कर गई है, जो 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। जब अमेरिका में सुरक्षित निवेश पर ज्यादा ब्याज मिलता है, तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर वहां शिफ्ट करने लगते हैं, जिससे यहां की यील्ड पर दबाव बढ़ जाता है।

कंपनियों और निवेशकों के लिए मायने

बॉन्ड यील्ड का बढ़ना भारतीय कंपनियों के लिए 'बैड न्यूज' है। जब बेंचमार्क यील्ड बढ़ती है, तो बैंकों से लोन लेना महंगा हो जाता है। इससे कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ता है और उनके एक्सपेंशन प्लान धीमे हो सकते हैं। साथ ही, सरकारी बॉन्ड पर सुरक्षित और बेहतर रिटर्न मिलने से शेयर बाजार का आकर्षण कम हो जाता है।

महंगाई का खतरा और RBI का रुख

मैक्रो-इकोनॉमिक फ्रंट पर चुनौतियां कम नहीं हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल $105 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। महंगा तेल भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ाता है और महंगाई को हवा देता है, जिससे रिजर्व बैंक (RBI) पर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखने का दबाव बन सकता है।

नजरें किस पर रखें?

सरकार फिलहाल ₹34,000 करोड़ जुटाने के लिए डेट ऑक्शन (Debt Auction) कर रही है। निवेशकों की इस नीलामी में दिलचस्पी यह बताएगी कि सिस्टम में लिक्विडिटी की क्या स्थिति है। यदि डिमांड कमजोर रही, तो सरकार को यील्ड और बढ़ानी पड़ सकती है। आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल के दाम और RBI की कमेंट्री बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.