भारत जनवरी 2027 में ASEAN-India ट्रेड एग्रीमेंट के लिए बातचीत का अगला दौर होस्ट करेगा। सरकार का मुख्य फोकस 2009 के इस पुराने समझौते को आधुनिक बनाना और **$51.55 बिलियन** के भारी-भरकम ट्रेड डेफिसिट को कम करना है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) की समीक्षा के अगले चरण का ऐलान कर दिया है। जकार्ता में हुई 15वीं AITIGA जॉइंट कमेटी की मीटिंग के बाद अब जनवरी 2027 में भारत में नई बातचीत शुरू होगी।
ट्रेड डेफिसिट की चुनौती
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा चिंता का विषय व्यापार असंतुलन है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में भारत का ASEAN देशों के साथ ट्रेड डेफिसिट बढ़कर $51.55 बिलियन तक पहुंच गया है। सरकार की कोशिश है कि इस समझौते को ऐसा रूप दिया जाए जिससे भारतीय सामानों के लिए मार्केट एक्सेस बढ़े और घरेलू मैन्युफैक्चरर्स को गलत प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सके।
'रूल्स ऑफ ओरिजिन' का पेच
इन बातचीत में सबसे बड़ी बाधा 'रूल्स ऑफ ओरिजिन' है। ऐसी चिंताएं हैं कि तीसरे देशों का माल ASEAN देशों के रास्ते भारत आ रहा है, जिससे ड्यूटी की चोरी हो रही है और स्थानीय कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ रहा है।
अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत इन वार्ता में 'मेक इन इंडिया' को मजबूती देने के लिए कड़े नियम लागू करवा पाएगा। इस समीक्षा का सीधा असर केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों पर पड़ सकता है।
