FDI: सरकार का बड़ा फैसला! अब ₹15,000 करोड़ तक के निवेश के लिए नहीं होगी Cabinet की मंजूरी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
FDI: सरकार का बड़ा फैसला! अब ₹15,000 करोड़ तक के निवेश के लिए नहीं होगी Cabinet की मंजूरी

विदेशी निवेशकों के लिए भारत में कारोबार करना और आसान होने वाला है। सरकार FDI नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए Cabinet की मंजूरी की सीमा को **₹5,000 करोड़** से बढ़ाकर **₹15,000 करोड़** करने की तैयारी में है, जिससे प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिलने में कम समय लगेगा।

रेड टेप कम करने की तैयारी

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विदेशी निवेश (FDI) की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने का संकेत दिया है। सरकार का मुख्य फोकस अब रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर है। इसमें 'नो योर कस्टमर' (KYC) नॉर्म्स को और ज्यादा एफिशिएंट बनाना शामिल है। कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) के पास अब केवल ₹15,000 करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट्स ही जाएंगे, जिससे सरकारी फाइलों की रफ्तार तेज होगी।

क्यों है यह बदलाव अहम?

इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह है 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस'। अब तक कई प्रोजेक्ट्स को सरकारी मंजूरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। लिमिट बढ़ने से बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट्स ऑटोमैटिक रूट के जरिए जल्दी क्लीयर हो पाएंगे। इसका सीधा असर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और ग्लोबल कंपनियों के एक्सपेंशन प्लान्स पर पड़ेगा।

अब तक का असर

इस साल 1 मई 2026 को किए गए सुधारों के बाद से ही निवेश की रफ्तार में तेजी आई है। 20 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, सरकार ने 29 FDI प्रपोजल्स को मंजूरी दी है, जिनकी वैल्यू करीब ₹4,895.65 करोड़ रही है। यह दिखाता है कि नियमों में स्पष्टता आते ही विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ने लगा है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल अभी भी सख्त

हालांकि सरकार नियमों को उदार बना रही है, लेकिन रक्षा (Defense) और अंतरिक्ष (Space) जैसे संवेदनशील सेक्टरों के लिए सुरक्षा जांच अभी भी सख्त बनी रहेगी। सरकार का लक्ष्य सिर्फ निवेश लाना नहीं, बल्कि लंबी अवधि के लिए हाई-क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को भारत में मजबूत करना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.