Bank of France के पूर्व अधिकारी Jean-Pierre Landau ने Kautilya Economic Conclave 2026 में भारत की भविष्य की राह पर मुहर लगाई है। उनके अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत साल 2047 तक विकसित देश बनने की मजबूत स्थिति में है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती
Bank of France के पूर्व डिप्टी गवर्नर Jean-Pierre Landau का मानना है कि वैश्विक स्तर पर छाई अनिश्चितता और पश्चिमी देशों में बढ़ते कर्ज के बावजूद भारत अपनी आर्थिक रफ्तार बनाए रखने में सक्षम है। Kautilya Economic Conclave 2026 में उन्होंने कहा कि भारत के पास ऐसे मजबूत बफर (Buffers) मौजूद हैं जो उसे अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव से बचाने का काम करते हैं। बढ़ते ब्याज दरों के दौर में भारत के लिए राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) और पूंजी का सही आवंटन ही लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का रास्ता खोलेगा।
विकास का नया मॉडल
Landau ने पुरानी सोच को चुनौती देते हुए कहा कि भारत को अब मैन्युफैक्चरिंग बनाम सर्विसेज की बहस से आगे निकलना होगा। उन्होंने 'टेक्नोलॉजिकल स्पिलओवर' (Technological Spillovers) पर जोर दिया, जहाँ डिजिटल सर्विसेज में होने वाली प्रगति पूरी अर्थव्यवस्था की उत्पादकता को बढ़ा सके।
AI और रोजगार पर बड़ा रिस्क
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लेबर मार्केट में आने वाले बदलावों पर उन्होंने आगाह किया है कि भारत को अपने वर्कफोर्स को नई स्किल्स के साथ तैयार करना होगा। हालांकि ऑटोमेशन से नौकरियों के छिनने का डर बना हुआ है, लेकिन इतिहास गवाह है कि तकनीकी क्रांति नए तरह के रोजगार भी पैदा करती है। भारत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कैसे अपनी डेमोग्राफिक ताकत को तकनीकी कौशल (Tech-enabled workforce) में बदलता है।
