भारत में युवाओं के लिए अच्छी खबर है! 2025 में 15-29 आयु वर्ग के लिए बेरोजगारी दर घटकर **9.9%** पर आ गई है, जो 2022 में **10.9%** थी। संसद में पेश सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) भी बढ़कर **41.4%** हो गया है। यह सुधार सरकार की विभिन्न इंडस्ट्रियल और एम्प्लॉयमेंट पहलों का नतीजा है।
बेरोजगारी में आई कितनी कमी?
लोकसभा में पेश किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में युवाओं (15-29 साल) की बेरोजगारी दर 2025 में 9.9% दर्ज की गई है। यह दर 2022 में 10.9% थी। इसके साथ ही, वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR), जो कि रोजगारशुदा आबादी का प्रतिशत दिखाता है, भी 38.5% से बढ़कर 41.4% हो गया है।
सरकारी योजनाओं का असर
रोजगार दर में इस सुधार का श्रेय सरकार की विभिन्न योजनाओं को जा रहा है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) जैसी योजनाओं ने छोटे व्यवसायों को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा, 'रोजगार मेलों' के माध्यम से 12.5 लाख से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं।
इंडस्ट्रियल पॉलिसी और PLI स्कीम
सरकार की इंडस्ट्रियल पॉलिसी, खासकर प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव (PLI) स्कीमें, रोजगार बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। ये स्कीमें 14 प्रमुख सेक्टर्स को टारगेट करती हैं। 31 मार्च 2026 तक, इन स्कीमों से ₹2.40 लाख करोड़ का कैपिटल इन्वेस्टमेंट आया है और 14.15 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा हुई हैं। MSME सेक्टर भी लाखों लोगों को रोजगार दे रहा है।
आगे की राह और चुनौतियां
हालांकि ये आंकड़े सकारात्मक तस्वीर दिखाते हैं, लेकिन रोजगार की गुणवत्ता और स्थिरता पर अभी भी चर्चा जारी है। इकॉनोमिस्ट्स और एनालिस्ट्स इस बात पर गौर कर रहे हैं कि किस तरह की नौकरियां पैदा हो रही हैं – क्या वे स्थायी और बेहतर वेतन वाली हैं या फिर अस्थायी और कम कुशल। स्किल इंडिया मिशन जैसी पहलें युवाओं को नई इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने का काम कर रही हैं।
