16th Finance Commission के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया ने साफ किया है कि भारत ग्लोबल फूड और फर्टिलाइजर संकट से पूरी तरह सुरक्षित है। मजबूत घरेलू उत्पादन और रिकॉर्ड स्टॉक ने देश को वैश्विक अस्थिरता से ढाल प्रदान की है।
दुनियाभर में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद, भारत के लिए राहत की बात है कि फूड और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन सुरक्षित है। 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में बोलते हुए, 16th Finance Commission के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया ने बताया कि भारत ने फर्टिलाइजर प्लांट्स को फिर से शुरू करने और आयात के अलग-अलग स्रोत बनाने पर काम किया है, जिससे बफर काफी मजबूत हुआ है।
आंकड़ों में दम
फर्टिलाइजर सेक्टर में आई यह मजबूती सीधे तौर पर बढ़ते इन्वेंटरी लेवल से दिख रही है। अक्टूबर 2026 की शुरुआत तक, भारत में फर्टिलाइजर का स्टॉक 17.01 मिलियन टन पहुंच चुका है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 38% ज्यादा है। यह भारी स्टॉक अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के खिलाफ एक सुरक्षा कवच का काम करेगा।
'4F' संकट पर क्या बोले एक्सपर्ट्स?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहले '4F' (फूड, फ्यूल, फर्टिलाइजर और फाइनेंस) संकट को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन पनगढ़िया के मुताबिक भारत ने अपने टारगेटेड इंटरवेंशन से खुद को बचा लिया है। हालांकि, चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण 'सुपर एल नीनो' जैसे वेदर इवेंट्स खेती पर असर डाल सकते हैं। फिलहाल, भारत अपनी आत्मनिर्भरता के दम पर ग्लोबल मार्केट में एक बड़े निर्यातक (Exporter) के रूप में उभरने की स्थिति में है।
