ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के कारण भारतीय बाजार में हड़कंप मच गया है। India VIX में **14%** का बड़ा उछाल आया है और यह **14.15** के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि Nifty 50 में **300 पॉइंट** की बड़ी गिरावट देखी गई है।
बाजार में क्यों मचा है कोहराम?
सोमवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में भारी उठापटक देखने को मिली। बाजार के 'डर' के सूचकांक यानी India VIX में पिछले तीन दिनों में 36% का उछाल दर्ज किया गया है। इसका सीधा असर Nifty 50 पर दिखा, जो 1.3% या 300 पॉइंट गिरकर 22,839 के स्तर तक लुढ़क गया।
क्रूड ऑयल और टेंशन का असर
बाजार में आई इस कमजोरी की मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियां हैं। कच्चा तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे कंपनियों के मार्जिन पर दबाव पड़ता है और महंगाई का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जिससे ऑप्शन प्रीमियम भी काफी बढ़ गए हैं।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
मौजूदा समय में VIX का Implied Volatility Percentile करीब 64% पर है। इसका मतलब है कि बाजार में जोखिम काफी बढ़ गया है।
- सपोर्ट जोन: ट्रेडर्स 11.0 से 11.3 के सपोर्ट लेवल पर नजर बनाए हुए हैं।
- रेसिस्टेंस जोन: अगर इंडेक्स 15.3 से 15.5 के स्तर को पार करता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
फिलहाल, बड़े संस्थान अपनी पोर्टफोलियो सुरक्षा के लिए डेबिट स्प्रेड (Debit Spreads) का सहारा ले रहे हैं। निवेशकों के लिए अब क्रूड ऑयल की कीमतों का स्थिर होना और जियोपॉलिटिकल हालात में सुधार होना सबसे जरूरी संकेत होगा।
