Inflation Indices: सरकार ने बदले महंगाई मापने के पैमाने, CPI में खाने-पीने की चीजों का वेटेज घटा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Inflation Indices: सरकार ने बदले महंगाई मापने के पैमाने, CPI में खाने-पीने की चीजों का वेटेज घटा

भारत ने अपने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के लिए नए बेस ईयर का ऐलान कर दिया है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव खाने-पीने की चीजों के वेटेज को घटाकर **36.75%** करना है, जो सीधे तौर पर RBI के ब्याज दरों के फैसलों को प्रभावित कर सकता है।

भारत सरकार ने महंगाई को मापने वाले अपने मुख्य पैमानों में बड़ा बदलाव किया है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) को अब 2024 के आधार वर्ष (Base Year) पर कैलकुलेट किया जाएगा, जबकि होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के लिए 2022-23 को आधार बनाया गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव अर्थव्यवस्था के डिजिटल ट्रांस्फॉर्मेशन और बदलती उपभोग आदतों को बेहतर तरीके से दर्शाने के लिए किया गया है।

फूड वेटेज में बड़ी कटौती

नए CPI बास्केट में खाने-पीने की चीजों का वेटेज पहले के करीब 46% से घटकर अब 36.75% हो गया है। निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है। चूँकि खाने-पीने की चीजें काफी वोलेटाइल (Volatile) होती हैं, इसलिए कम वेटेज होने से अब महंगाई के आंकड़े कम संवेदनशील दिख सकते हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले असली दबाव को छुपा सकता है।

डिजिटल दौर और डेटा पर सवाल

सरकार ने पुराने रेडियो और VCR जैसे सामान हटाकर स्ट्रीमिंग सर्विसेज और डिजिटल खर्चों को इंडेक्स में शामिल किया है। बावजूद इसके, कई अर्थशास्त्री इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि ई-कॉमर्स और डिजिटल पेमेंट्स की पूरी हलचल इसमें शामिल नहीं हो पाई है। यदि इंडेक्स ऑनलाइन शॉपिंग के ट्रेंड्स को पूरी तरह कैप्चर नहीं करता, तो सरकार और नीति निर्माताओं को अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर नहीं मिल पाएगी।

मार्केट और निवेशकों पर असर

RBI की ब्याज दरें (Interest Rates) सीधे तौर पर इन्हीं आंकड़ों पर टिकी होती हैं। यदि इंडेक्स का नया फॉर्मूला महंगाई को सही ढंग से नहीं पकड़ पाता, तो RBI के फैसले गलत साबित हो सकते हैं। बैंकिंग, रियल एस्टेट और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टरों के निवेशकों के लिए यह खबर काफी मायने रखती है। अब बाजार की नजरें RBI के अगले कमेंट्री और पहले कुछ महीनों के डेटा पर टिकी होंगी, ताकि यह देखा जा सके कि नया इंडेक्स पुरानी हकीकत से कितना अलग है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.