Ministry of Mines: भारत ने लिथियम-निकल प्रोसेसिंग के लिए खोला खजाना, अब EV सेक्टर को मिलेगी बड़ी राहत

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AuthorNeha Patil|Published at:
Ministry of Mines: भारत ने लिथियम-निकल प्रोसेसिंग के लिए खोला खजाना, अब EV सेक्टर को मिलेगी बड़ी राहत

Ministry of Mines ने लिथियम और निकल की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए नए इंसेंटिव्स का ऐलान किया है। सरकार चार राज्यों में प्रोसेसिंग हब बना रही है और खाली पड़े माइनिंग ब्लॉक्स को लेकर कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है।

भारत सरकार ने देश में क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम और निकल की प्रोसेसिंग को तेज करने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। इस कदम का मुख्य मकसद ग्लोबल बैटरी सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना और विदेशी आयात पर निर्भरता को कम करना है। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरर्स और एनर्जी स्टोरेज कंपनियों के लिए कच्चा माल सस्ता और आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

चार राज्यों में बनेंगे प्रोसेसिंग हब

इस योजना को सफल बनाने के लिए सरकार ने विशेष मिनरल प्रोसेसिंग पार्क बनाने का फैसला किया है। इसके लिए गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को चुना गया है। ये हब न केवल माइनिंग को बढ़ावा देंगे, बल्कि कच्चे खनिजों को हाई-वैल्यू इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट में बदलने का काम भी करेंगे।

माइनिंग कंपनियों पर सरकार का शिकंजा

इंसेंटिव्स के साथ-साथ सरकार माइनिंग लीज को लेकर भी सख्त रुख अपना रही है। कई कंपनियां ऐसी हैं जिन्होंने माइनिंग ब्लॉक हासिल कर लिए हैं और सभी जरूरी मंजूरी भी ले ली हैं, लेकिन वहां काम शुरू नहीं किया है। सरकार ने इसे 'स्क्वॉटिंग' (Squatting) करार दिया है और इसे देश की मिनरल सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा बताया है।

मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि ऐसी कंपनियों को अपना कामकाज तुरंत शुरू करना होगा। यदि कोई कंपनी तय समयसीमा के भीतर उत्पादन शुरू नहीं करती है, तो उसके माइनिंग अधिकार छीनने की कार्रवाई की जा सकती है। यह उन निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है जो ऐसी कंपनियों के शेयर रखे हुए हैं।

वैल्यू चेन पर असर

यह नीतिगत बदलाव EV सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अगर देश के भीतर ही लिथियम और निकल की प्रोसेसिंग बढ़ती है, तो कंपनियों के रॉ-मटेरियल कॉस्ट में स्थिरता आएगी। हालांकि, निवेशकों को अब यह देखना होगा कि ये प्रोसेसिंग हब कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं और सरकार की सख्ती का उत्पादन पर कितना असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.