India-US Trade Talks: RBI ने किया आश्वस्त, कहा- अमेरिका के साथ ट्रेड तनाव झेलने को भारतीय अर्थव्यवस्था तैयार

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AuthorAditya Rao|Published at:
India-US Trade Talks: RBI ने किया आश्वस्त, कहा- अमेरिका के साथ ट्रेड तनाव झेलने को भारतीय अर्थव्यवस्था तैयार

RBI ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ अटकी ट्रेड बातचीत का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा। वहीं, महंगाई को काबू में रखने के लिए RBI ने रेपो रेट को **25 बेसिस पॉइंट्स** बढ़ाकर **5.50%** कर दिया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था अमेरिका के साथ रुकी हुई व्यापार वार्ता से उत्पन्न जोखिमों को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि आंतरिक विकास और विविध एक्सपोर्ट रणनीति बाहरी झटकों के खिलाफ एक मजबूत ढाल का काम कर रही है।

बाजार पर दोहरी मार

यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब भारतीय बाजार कई मोर्चों पर दबाव महसूस कर रहा है। 7 अक्टूबर, 2026 को RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है। बढ़ती महंगाई को थामने के लिए उठाया गया यह कदम निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है क्योंकि वे पहले से ही ग्लोबल ट्रेड अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं।

क्यों बढ़ी हैं टेंशन?

दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में कुछ कड़वाहट देखी जा रही है। अमेरिकी वार्ताकार भारत के साथ $34 बिलियन के ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटे) को लेकर चिंतित हैं। इसके अलावा, भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद भी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026' के तहत यह जोखिम बना हुआ है कि यदि खरीद पैटर्न अमेरिकी नीतियों के अनुसार नहीं बदला, तो अमेरिका भारतीय सामानों पर ऊंचे टैरिफ लगा सकता है।

सेक्टर पर क्या होगा असर?

निवेशकों को अब फार्मास्यूटिकल्स, IT सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग जैसे एक्सपोर्ट-आधारित सेक्टर पर बारीक नजर रखनी होगी। हालांकि RBI का कहना है कि ट्रेड डायवर्सिफिकेशन एक ताकत है, लेकिन अगर अमेरिकी संरक्षणवादी नीतियां सख्त होती हैं, तो अमेरिकी बाजार पर निर्भर कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

आने वाले समय में, निवेशकों को दोनों देशों के व्यापार प्रतिनिधियों के बयानों पर नजर रखनी होगी, ताकि यह समझा जा सके कि क्या यह राजनयिक गतिरोध किसी नई नीति या टैरिफ कार्रवाई की ओर ले जाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.