India-US Trade Talks: बड़े ट्रेड एग्रीमेंट पर फंसा पेंच, एक्सपोर्टर्स के लिए बढ़ा जोखिम

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AuthorAditya Rao|Published at:
India-US Trade Talks: बड़े ट्रेड एग्रीमेंट पर फंसा पेंच, एक्सपोर्टर्स के लिए बढ़ा जोखिम

भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत फिलहाल थम गई है। दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद के कारण किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है।

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें फिलहाल ठंडी पड़ती दिख रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि दोनों देश रियायतों पर आम सहमति बनाने में संघर्ष कर रहे हैं। हाल ही में 5 अक्टूबर, 2026 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिकी यात्रा के बाद भी कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका है।

क्यों रुकी है बात?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा है कि चर्चाएं भले ही सकारात्मक रही हों, लेकिन फिलहाल किसी अंतिम समझौते की संभावना नहीं है। विवाद की मुख्य जड़ टैरिफ स्ट्रक्चर, विशिष्ट वस्तुओं तक बाजार की पहुंच और ट्रेड इम्बैलेंस (व्यापार असंतुलन) से जुड़े पुराने मुद्दे हैं। घरेलू दबाव के कारण दोनों ही देशों के लिए अभी कोई बड़ी रियायत देना कठिन बना हुआ है।

एक्सपोर्टर्स के लिए क्या है रिस्क?

यह गतिरोध भारतीय निर्यातकों, खासकर आईटी (IT), फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए चिंता का विषय है। कई कंपनियों ने इस डील के आधार पर अपने ग्रोथ प्लान तैयार किए थे। समझौते के अभाव में अब कंपनियों को पुरानी और कठिन रेगुलेटरी शर्तों के साथ ही काम चलाना होगा, जिससे उन्हें मिलने वाले कॉम्पिटिटिव एडवांटेज पर असर पड़ सकता है।

आगे क्या हो सकता है?

बाजार अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि क्या अमेरिका ट्रेड इम्बैलेंस को ठीक करने के लिए कोई एकतरफा कदम उठाएगा। अगर ऐसा होता है, तो भारतीय निर्यातकों के लिए इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ सकती है। साल 2030 तक $500 बिलियन के व्यापार का लक्ष्य अब और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। निवेशकों को अब दोनों सरकारों के आगामी बयानों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ट्रेड रिलेशन की स्थिरता पूरी तरह से आने वाली तिमाहियों में दोनों देशों के लचीलेपन पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.