India और US के बीच अंतरिम ट्रेड पैक्ट को लेकर बातचीत अपने अंतिम दौर में है। कॉमर्स मिनिस्टर Piyush Goyal और USTR Jamieson Greer के बीच चर्चा जारी है, हालांकि अभी टैरिफ और पॉलिसी से जुड़ी कुछ पेचीदगियां सुलझनी बाकी हैं।
आखिरी दौर की माथापच्ची
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड नेगोशिएशंस अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी हैं। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव Jamieson Greer ने कहा है कि बातचीत अब 'शॉर्ट स्ट्रोक्स' यानी अंतिम चरण में है। इसका मतलब है कि शुरुआती सैद्धांतिक बहस खत्म हो चुकी है और अब दोनों पक्ष तकनीकी बारीकियों को सुलझाने में जुटे हैं।
Milwaukee में मिली मजबूती
हाल ही में Milwaukee में हुई G20 ट्रेड मिनिस्टर्स की मीटिंग के दौरान भारतीय कॉमर्स मिनिस्टर Piyush Goyal और Jamieson Greer ने द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस डील का मुख्य मकसद भारतीय एक्सपोर्टर्स को अमेरिकी बाजार में बड़ी बढ़त दिलाना है, ताकि वे दक्षिण-पूर्व एशिया और बांग्लादेश जैसे प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दे सकें।
लीडरशिप की सीधी निगरानी
इस पूरी प्रक्रिया पर सीधे शीर्ष स्तर से नजर रखी जा रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और राष्ट्रपति Donald Trump ने 30 सितंबर 2026 को फोन पर बातचीत की थी, जिसमें ट्रेड, एनर्जी और टेक्नोलॉजी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेता स्टाफ-लेवल पर हो रही प्रोग्रेस का फीडबैक ले रहे हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
इन्वेस्टर्स के नजरिए से देखें तो यह एग्रीमेंट मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है। हालांकि, राह अभी पूरी तरह आसान नहीं है। रशियन ऑयल की खरीद को लेकर अमेरिकी चिंताएं अभी भी बातचीत में एक बड़ा फैक्टर बनी हुई हैं। अगर इन पॉलिसी गैप्स को जल्द नहीं भरा गया, तो इससे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स में अनिश्चितता का माहौल बना रह सकता है। अब सबकी नजरें अगली लीडरशिप डायलॉग पर टिकी हैं, जिससे साफ होगा कि एग्रीमेंट साइन होने के कितने करीब है।
