ब्रिक्स (BRICS) समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद के बीच अहम बैठक हुई है। दोनों नेताओं ने भारत-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) पर चर्चा की और AI, डिफेंस और एनर्जी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
नई दिल्ली में आयोजित BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच 12 सितंबर, 2026 को द्विपक्षीय बातचीत हुई। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था।
IMEC से बदलेगी ट्रेड की तस्वीर
इस चर्चा के केंद्र में रहा महत्वाकांक्षी 'इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर' (IMEC)। दोनों नेताओं ने इस प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लिया, जिसका लक्ष्य वेस्ट एशिया और यूरोप के बीच लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को मजबूत करना है। इसके तहत एक डिजिटल लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, ताकि कार्गो और कमोडिटी की आवाजाही को तेज और आसान बनाया जा सके।
नई ऊंचाई पर इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप
कनेक्टिविटी के अलावा, भारत और UAE अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्पेस एक्सप्लोरेशन और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में मिलकर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि भविष्य में संसाधनों की उपलब्धता सुरक्षित रहे।
बड़ा निवेश और चुनौतियां
इंडस्ट्रियल सहयोग का एक ठोस उदाहरण हाल ही में देखने को मिला है, जहाँ UAE की 'इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी' (International Holding Company) ने ओडिशा में एक ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट के लिए $11.5 बिलियन का बड़ा निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
हालांकि, इस कॉरिडोर की सफलता वेस्ट एशिया में जारी अस्थिरता पर काफी हद तक निर्भर करेगी। जियो-पॉलिटिकल हालातों के बीच, निवेशक अब इस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन और डिजिटल लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।
