India Trade Deficit: खुशखबरी! सितंबर में ट्रेड डेफिसिट घटकर हुआ **$13.3 बिलियन**, एक्सपोर्ट में बड़ा उछाल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Trade Deficit: खुशखबरी! सितंबर में ट्रेड डेफिसिट घटकर हुआ **$13.3 बिलियन**, एक्सपोर्ट में बड़ा उछाल

सितंबर के महीने में India का मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट अगस्त के **$26.86 बिलियन** से घटकर **$13.3 बिलियन** पर आ गया है। इस दौरान एक्सपोर्ट उछलकर **$80.75 बिलियन** पर पहुंच गया है, जो इकॉनमी और करेंसी के लिए राहत की बात है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट अगस्त के $43.81 बिलियन से बढ़कर $80.75 बिलियन हो गया है। हालांकि, इंपोर्ट में भी बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले महीने के $70.67 बिलियन से बढ़कर $94.05 बिलियन रहा। कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने बताया कि चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में एक्सपोर्ट ग्रोथ ने पहली तिमाही के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया है, जो औद्योगिक और कमर्शियल सेक्टर में मजबूती को दर्शाता है।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

ट्रेड डेफिसिट का कम होना घरेलू इकॉनमी के लिए एक पॉजिटिव सिग्नल है। जब देश का एक्सपोर्ट बढ़ता है, तो इससे लोकल करेंसी को सपोर्ट मिलता है और करंट अकाउंट डेफिसिट को मैनेज करना आसान हो जाता है। इससे फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर दबाव कम होता है और इन्फ्लेशन को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है, खासकर इंपोर्ट की जाने वाली कमोडिटी के मामले में।

ग्लोबल चुनौतियां और रिस्क

हालांकि घरेलू स्तर पर आंकड़े सुधरे हैं, लेकिन वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) ने ग्लोबल सर्विसेज ट्रेड के लिए ग्रोथ अनुमान को 4% से घटाकर 3.3% कर दिया है। इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी जियोपॉलिटिकल अस्थिरता है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन और डिमांड पैटर्न के लिए बड़ा जोखिम है। निवेशकों को उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जो ग्लोबल ट्रेड पर ज्यादा निर्भर हैं, क्योंकि भविष्य में ग्लोबल डिमांड में सुस्ती का असर भारत के एक्सपोर्ट वॉल्यूम पर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.