Space Economy: भारत का बड़ा दांव! **$44 बिलियन** तक पहुंचेगा स्पेस सेक्टर, क्या हैं जोखिम?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Space Economy: भारत का बड़ा दांव! **$44 बिलियन** तक पहुंचेगा स्पेस सेक्टर, क्या हैं जोखिम?

भारत ने अपने स्पेस सेक्टर को **2033** तक **$44 बिलियन** तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस ग्रोथ में **440** से ज्यादा स्टार्टअप्स और अमेरिका के साथ बढ़ती साझेदारी की अहम भूमिका होगी।

लक्ष्य और रणनीति

9वें बेंगलुरु स्पेस एक्सपो 2026 में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, भारत अपनी स्पेस इकॉनमी को मौजूदा $8.4 बिलियन से बढ़ाकर $44 बिलियन तक पहुँचाने की तैयारी कर रहा है। सरकार का मुख्य जोर अब सिर्फ साइंटिफिक रिसर्च से हटकर एक कमर्शियल मॉडल बनाने पर है, ताकि प्राइवेट सेक्टर को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनाया जा सके।

स्टार्टअप्स की लहर और निवेश

भारत में स्पेस स्टार्टअप्स का इकोसिस्टम तेजी से फैल रहा है। 2014 में जहां केवल 1 स्टार्टअप था, वहीं अगस्त 2026 तक इनकी संख्या 440 के पार पहुंच गई है। केवल 2026 में ही प्राइवेट सेक्टर में $187 मिलियन का निवेश आया है। अब कंपनियों को सिर्फ बेसिक पुर्जे बनाने के बजाय हाई-वैल्यू और कॉम्प्लेक्स सबसिस्टम्स बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

ग्लोबल पार्टनरशिप का दम

इस सेक्टर को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिल रही है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने खुलासा किया कि NASA ने ISRO को अपने मून बेस प्रोग्राम में औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। यह पार्टनरशिप अब केवल सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जॉइंट इंस्ट्रूमेंट डिजाइन और क्रॉस-बॉर्डर फंडिंग जैसे बड़े कदम शामिल हैं।

चुनौतियां और जोखिम

विकास की रफ्तार के बावजूद, कुछ अड़चनें निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं:

  • इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता: प्राइवेट कंपनियों को अभी भी ISRO की टेस्टिंग और लॉन्च सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।
  • तकनीकी जोखिम: हाल ही में हुए 2 PSLV रॉकेट फेलियर ने स्केलिंग के दौरान भरोसेमंद इंजीनियरिंग की जटिलताओं को उजागर किया है।
  • रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: लंबी अवधि के लिए स्पष्ट लायबिलिटी कानून और स्पेस कचरा (Orbital debris) व साइबर सुरक्षा जैसे मसलों पर अभी भी स्पष्टता की जरूरत है।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.