कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने भारत को ग्लोबल इकोनॉमी के साथ जोड़ने का बड़ा रोडमैप पेश किया है। लक्ष्य है कि भारत की इकोनॉमी दुनिया के उन बाजारों से जुड़े जो वैश्विक GDP का **80%** हिस्सा हैं, ताकि साल 2047 तक **$30 ट्रिलियन** का इकोनॉमिक टारगेट हासिल किया जा सके।
ग्लोबल मार्केट में भारत की बड़ी तैयारी
शिकागो में एक कार्यक्रम के दौरान कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने खुलासा किया कि भारत अपनी व्यापारिक पहुंच को और विस्तार देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। साल 2014 से पहले की ट्रेड संधियां केवल $10 ट्रिलियन की ग्लोबल इकोनॉमी को कवर करती थीं, जबकि अब सरकार उन क्षेत्रों को लक्ष्य बना रही है जो $60 ट्रिलियन से अधिक के हैं। इसका सीधा मतलब है कि भारतीय कंपनियों के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन में जगह बनाना अब और आसान होगा।
कॉरपोरेट जगत के साथ नई पार्टनरशिप
इस मिशन को रफ्तार देने के लिए अमेरिका की दिग्गज कंपनियों के साथ चर्चा शुरू हो चुकी है।
- Archer Daniels Midland: भारत के फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को अपग्रेड करने पर जोर।
- Aon और Cognition: बिजनेस सर्विसेज और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारतीय टैलेंट का उपयोग करने पर बातचीत।
इन साझेदारियों का मुख्य उद्देश्य टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ-साथ भारतीय कंपनियों को इंटरनेशनल गवर्नेंस और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स के मुताबिक तैयार करना है, ताकि ग्लोबल कैपिटल आसानी से आकर्षित हो सके।
राह में चुनौतियां भी कम नहीं
भले ही लक्ष्य बड़ा है, लेकिन आर्थिक जानकारों का मानना है कि $30 ट्रिलियन का आंकड़ा छूने के लिए कई बुनियादी सुधार जरूरी हैं। लॉजिस्टिक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण देश के भीतर व्यापार की लागत (Trade cost) अभी भी काफी अधिक है। अगर घरेलू स्तर पर माल ढुलाई महंगी बनी रही, तो नए ट्रेड एग्रीमेंट का फायदा भी सीमित हो सकता है। इसके अलावा, दुनिया भर में बढ़ती ट्रेड-रिस्ट्रिक्टिव नीतियां और ग्लोबल मार्केट का बिखराव भी इस राह में बड़ी रुकावट बन सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है जरूरी?
निवेशकों को अब केवल समझौतों पर नहीं, बल्कि सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे (सड़क और पोर्ट कनेक्टिविटी) को बेहतर बनाने और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की गति पर नजर रखनी चाहिए। यह सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भारत कागजी समझौतों को कितनी जल्दी ग्राउंड रियलिटी और एक्सपोर्ट ग्रोथ में बदल पाता है।
