India Targets Global Talent Hub Status: नए वीजा नियमों से विदेशी एक्सपर्ट्स के लिए खुलेगा रास्ता

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Targets Global Talent Hub Status: नए वीजा नियमों से विदेशी एक्सपर्ट्स के लिए खुलेगा रास्ता

भारत अब सिर्फ टैलेंट एक्सपोर्ट करने वाला देश नहीं, बल्कि ग्लोबल ऑपरेशनल हब बन रहा है। देश में मौजूद **2,117** ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को रफ्तार देने के लिए सरकार **e-B4** जैसे नए वीजा लेकर आई है, जिससे विदेशी विशेषज्ञों का भारत आना और काम करना आसान हो जाएगा।

भारत अब अपने आर्थिक मॉडल में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। देश का लक्ष्य अब सिर्फ ग्लोबल कंपनियों के लिए टैलेंट मुहैया कराना नहीं, बल्कि हाई-एंड रिसर्च, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर बनना है। देश में काम कर रहे 2,117 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) इस बात का सबूत हैं कि विदेशी कंपनियां अब केवल बैक-ऑफिस काम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भारत में अपनी डीप टेक्निकल ऑपरेशंस सेट कर रही हैं।

वीजा नियमों में बदलाव से बढ़ेगी रफ्तार

इन्वेस्टर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक्सपर्ट्स को सही समय पर भारत बुलाने की रही है। नई e-B4 वीजा पॉलिसी इसी समस्या को हल करने के लिए लाई गई है, ताकि विदेशी स्पेशलिस्ट्स को जल्दी और आसानी से एंट्री मिल सके। इसके साथ ही, अपडेटेड e-OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्ड भी जारी किया गया है ताकि भारतीय डायस्पोरा देश की इकोनॉमी से बेहतर ढंग से जुड़ सके। इन कदमों का सीधा मकसद विदेशी निवेश को तेजी से प्रोडक्शन और ऑपरेशनल आउटपुट में बदलना है।

शिक्षा क्षेत्र में बदलाव

सरकार अब विदेशी यूनिवर्सिटीज को भी भारत में अपने कैंपस खोलने की इजाजत दे रही है। इसका मकसद स्थानीय एजुकेशन स्टैंडर्ड्स को ग्लोबल स्तर का बनाना है, जिससे इंटरनेशनल फैकल्टी और रिसर्चर्स भारत आ सकें। हालांकि, इसकी कामयाबी इस बात पर निर्भर करेगी कि विदेशी स्टाफ के लिए यहां का इमिग्रेशन और वर्क कल्चर कितना सहज होता है।

चुनौतियां और भविष्य की राह

नीतियों में बदलाव के बावजूद, ग्लोबल टैलेंट को भारत में टिकाए रखना अभी भी एक चुनौती है। भारत में टैक्स, रेजिडेंसी और फॉरेन-एक्सचेंज से जुड़े नियम अभी भी काफी जटिल हैं। एक्सपर्ट्स के लिए रिलोकेशन प्रोसेस को आसान बनाना, हाउसिंग और टैक्स स्टेबिलिटी जैसे मुद्दों को सुलझाना ही भारत को एक सही ग्लोबल टैलेंट हब बनाएगा। इन्वेस्टर्स को आने वाले समय में इन पॉलिसीज के ग्राउंड इम्पलीमेंटेशन पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.