Indian Economy: ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब भारत, GDP ग्रोथ की रफ्तार ने तोड़े पुराने कीर्तिमान

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Economy: ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब भारत, GDP ग्रोथ की रफ्तार ने तोड़े पुराने कीर्तिमान

भारत अब **2003-2007** के अपने पिछले ग्रोथ रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की कगार पर है। देश की इकोनॉमी लगातार **7%** से ज्यादा की दर से बढ़ रही है और दो दशक पहले के मुकाबले अब यह आकार में **4 गुना** बड़ी हो चुकी है।

भारत आर्थिक इतिहास के एक ऐसे मुकाम पर खड़ा है जहां वह लगातार 5 सालों तक 7% या उससे अधिक की GDP ग्रोथ दर्ज कर सकता है। यह प्रदर्शन 2003 से 2007 के बीच बने पुराने बेंचमार्क को पीछे छोड़ देगा। IMF, World Bank और OECD जैसी बड़ी वैश्विक संस्थाओं ने भी इस रफ्तार के बरकरार रहने की उम्मीद जताई है। सबसे खास बात यह है कि साल 2007 में हमारी इकोनॉमी का बेस करीब $1 ट्रिलियन था, जो आज बढ़कर $4 ट्रिलियन के करीब पहुंच गया है। इसका सीधा मतलब है कि अब 7% की ग्रोथ का मतलब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़ा आर्थिक आउटपुट है।

रफ्तार के पीछे के बड़े बदलाव

आज की ग्रोथ की कहानी दो दशक पहले से काफी अलग है। इस बार मजबूती के पीछे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च, डिजिटल टेक्नोलॉजी का तेजी से इस्तेमाल और इकोनॉमी का तेजी से औपचारिक (Formalization) होना है। GST जैसे सुधारों ने कारोबारी माहौल को बेहतर बनाया है। साथ ही, सड़कों, रेलवे और पोर्ट्स पर सरकार के भारी निवेश से लॉजिस्टिक्स की लागत कम हो रही है, जिसका फायदा कंपनियों को मिल रहा है।

निवेशकों के लिए चेतावनी और जरूरी बातें

ग्रोथ का आउटलुक शानदार है, लेकिन निवेशकों को कुछ जोखिमों को भी ट्रैक करना चाहिए। कच्चे तेल (Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर महंगाई और इंपोर्ट कॉस्ट को प्रभावित करते हैं। अगर महंगाई बढ़ती है, तो RBI ब्याज दरों में सख्ती कर सकता है, जिससे कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है। इसके अलावा, ग्लोबल डिमांड में सुस्ती का असर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार के इंफ्रा खर्च की तर्ज पर प्राइवेट सेक्टर का निवेश कब जोर पकड़ता है और क्या घरेलू खपत (Consumption) इसी तरह मजबूत बनी रहती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.