Kaushal Chakra: युवाओं के लिए नई उम्मीद, AI के जरिए 1 करोड़ लोगों को मिलेगी ट्रेनिंग

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AuthorNeha Patil|Published at:
Kaushal Chakra: युवाओं के लिए नई उम्मीद, AI के जरिए 1 करोड़ लोगों को मिलेगी ट्रेनिंग

भारत सरकार ने एक महत्वाकांक्षी AI-आधारित पहल 'Kaushal Chakra' शुरू की है, जिसका लक्ष्य 1 करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देना है। इसका मुख्य उद्देश्य डिग्री होने के बावजूद युवाओं में बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या को खत्म करना है।

शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच का फासला

भारत सरकार ने एक बड़ी रणनीति तैयार की है ताकि पारंपरिक शिक्षा और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच के गैप को कम किया जा सके। 'India Skills Report 2026' के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 44% ग्रेजुएट्स 'अन-एम्प्लॉयबल' यानी नौकरी के लायक नहीं हैं। इस समस्या से निपटने के लिए ही अब डिजिटल और AI का सहारा लिया जा रहा है।

कैसे काम करेगा 'Kaushal Chakra'?

यह मॉडल पूरी तरह से आधुनिक है और इसे तीन चरणों में बांटा गया है:

  1. बोध (Bodh): यह एंट्री लेवल है, जहां हर व्यक्ति का 'डिजिटल स्किल्स पासपोर्ट' बनाया जाएगा ताकि उनकी वर्तमान काबिलियत को ट्रैक किया जा सके।
  2. अभ्यास (Abhyas): यहाँ AI-ड्रिवेन ट्यूटर जटिल विषयों को आसान और पर्सनलाइज्ड मॉड्यूल्स में बदल देंगे।
  3. सिद्धि (Siddhi): यह एक स्वतंत्र वेरिफिकेशन लेयर है, जो सर्टिफिकेट की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करेगी ताकि कंपनियां डिग्री के बजाय उम्मीदवार की असल काबिलियत पर भरोसा कर सकें।

चुनौतियां और भविष्य की राह

भारत की डेमोग्राफिक डिविडेंड की स्थिति को देखते हुए, यह ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि 2036 के बाद युवाओं की आबादी कम होने लगेगी। हालांकि, इस पूरे प्रोग्राम की कामयाबी दो बड़ी बातों पर टिकी है। पहली है 'डिजिटल डिवाइड', क्योंकि ग्रामीण और शहरी इलाकों में इंटरनेट और हार्डवेयर की पहुंच में बड़ा अंतर है। दूसरी चुनौती इंडस्ट्री का भरोसा जीतना है—क्या कंपनियां इन सर्टिफिकेट्स को पारंपरिक डिग्री के विकल्प के रूप में स्वीकार करेंगी?

फिलहाल, निवेशकों और विशेषज्ञों की नजर सरकार के बजट एलोकेशन और इस प्रोग्राम में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.