India Services Trade Surplus: सर्विस सेक्टर में सुस्ती, ट्रेड सरप्लस में **10%** की भारी गिरावट

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AuthorNeha Patil|Published at:
India Services Trade Surplus: सर्विस सेक्टर में सुस्ती, ट्रेड सरप्लस में **10%** की भारी गिरावट

सितंबर **2026** में भारत का सर्विसेस ट्रेड सरप्लस **10%** घटकर **$16.9 बिलियन** पर आ गया है। बढ़ते इंपोर्ट के चलते यह गिरावट दर्ज की गई है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंता का विषय हो सकती है।

सितंबर 2026 में भारत के नेट सर्विसेस ट्रेड सरप्लस में सालाना आधार पर 10% की कमी दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण सर्विस इंपोर्ट में तेज बढ़ोतरी और एक्सपोर्ट में आई मामूली कमी है। आंकड़ों के मुताबिक, सर्विस एक्सपोर्ट 0.9% गिरकर लगभग $36 बिलियन रहा, जबकि विदेशी सेवाओं की मांग बढ़ने के कारण इंपोर्ट 8.9% उछलकर $19 बिलियन के करीब पहुंच गया।

क्यों अहम है यह सेक्टर?

भारत के लिए आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंसल्टेंसी जैसे सेक्टर हमेशा से एक मजबूत 'बफर' रहे हैं। ये सेक्टर तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे मर्चेंडाइज इंपोर्ट के लिए होने वाले खर्च की भरपाई करने में मदद करते हैं। अगर यह सरप्लस लगातार सिकुड़ता है, तो देश के फॉरेन एक्सचेंज (Forex) अर्निंग्स पर दबाव बढ़ सकता है और ट्रेड डेफिसिट और अधिक असुरक्षित हो सकता है।

पहली छमाही का हाल

हालांकि सितंबर का डेटा निराशाजनक है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) की तस्वीर अभी भी मजबूत है। इस अवधि में कुल नेट सर्विसेस सरप्लस 4% बढ़कर $103 बिलियन रहा। इस दौरान औसत मासिक सरप्लस $17.1 बिलियन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के $16.5 बिलियन के औसत से बेहतर है। फिलहाल बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह गिरावट महज एक अस्थाई फेरबदल है या फिर सर्विस एक्सपोर्ट में किसी बड़े कूलिंग फेज की शुरुआत।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.