India Services PMI: सर्विस सेक्टर में उछाल, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 5 साल के निचले स्तर पर

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AuthorNeha Patil|Published at:
India Services PMI: सर्विस सेक्टर में उछाल, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 5 साल के निचले स्तर पर

अगस्त में भारत के सर्विस सेक्टर की रफ्तार बढ़कर **54.1** हो गई है, जिसमें हायरिंग का बड़ा रोल रहा। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर **52.8** पर फिसल गया है, जो पिछले **5** साल का सबसे निचला स्तर है।

भारत के सर्विस सेक्टर ने अगस्त में रिकवरी के संकेत दिए हैं। HSBC इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्विस PMI जुलाई के 53.3 से बढ़कर अगस्त में 54.1 पर पहुंच गया है। यह तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा सपोर्ट साबित हुई है, क्योंकि दूसरी ओर इंडस्ट्रियल एक्टिविटी में काफी सुस्ती देखी जा रही है।

मैन्युफैक्चरिंग में भारी गिरावट

एक तरफ जहां सर्विस सेक्टर चमक रहा है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए हालात चिंताजनक हैं। मैन्युफैक्चरिंग PMI गिरकर 52.8 पर आ गया है, जो पिछले 5 वर्षों में सबसे कमजोर परफॉर्मेंस है। नई ऑर्डर्स में कमी और धीमी होती प्रोडक्शन रफ्तार यह दर्शाती है कि डिमांड कमजोर पड़ रही है।

हायरिंग का मोमेंटम

सर्विस सेक्टर की मजबूती का मुख्य कारण रोजगार है। पिछले 15 महीनों में कंपनियों ने सबसे तेज गति से हायरिंग की है। इसी दम पर ओवरऑल 'कंपोजिट PMI' 54.3 पर बना हुआ है, जो अर्थव्यवस्था में अभी भी पॉजिटिव मोमेंटम को बनाए हुए है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि बढ़ती लागत और कच्चे तेल (Oil Prices) के ऊंचे दाम कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना रहे हैं। अगर कंपनियां बढ़ती लागत को ग्राहकों तक नहीं पहुंचा पाती हैं, तो मार्जिन पर बुरा असर पड़ सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या सर्विस सेक्टर की यह मजबूती इंडस्ट्रियल सुस्ती को लंबे समय तक झेल पाएगी या बढ़ती लागत का असर बाद में सर्विस सेक्टर पर भी देखने को मिलेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.