AITIGA Trade Review: ट्रेड डेफिसिट कम करने के लिए भारत सख्त, ASEAN के साथ बदलेगा व्यापार का गणित

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
AITIGA Trade Review: ट्रेड डेफिसिट कम करने के लिए भारत सख्त, ASEAN के साथ बदलेगा व्यापार का गणित

भारत अब ASEAN-India ट्रेड पैक्ट को पूरी तरह से बदलने की तैयारी में है। इसका मकसद **$51.55 बिलियन** के बढ़ते ट्रेड डेफिसिट (Trade Deficit) को नियंत्रित करना है, जो **2010** में सिर्फ **$7 बिलियन** था।

भारत और ASEAN देशों के बीच चल रहा व्यापार अब एक बड़े बदलाव की ओर है। वर्तमान ट्रेड एग्रीमेंट (AITIGA) का उद्देश्य व्यापार बढ़ाना था, लेकिन इसके कारण भारत का ट्रेड डेफिसिट बढ़कर $51.55 बिलियन तक पहुंच गया है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कुल द्विपक्षीय व्यापार $128.38 बिलियन रहा, जो इस समझौते की अहमियत और मौजूदा असंतुलन दोनों को दर्शाता है।

असली समस्या क्या है?

सरकार मुख्य रूप से दो मुद्दों पर काम कर रही है: टैरिफ में अंतर और 'रूल्स ऑफ ओरिजिन'। भारतीय अधिकारियों को सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि चीन जैसे थर्ड-पार्टी देश अपने माल को ASEAN देशों के जरिए भारत में डंप कर रहे हैं। इससे उन पर कोई ड्यूटी नहीं लगती या बहुत कम टैक्स लगता है, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

नई रणनीति और निवेश पर असर

सरकार की कोशिश है कि टैरिफ का फायदा केवल उन्हीं उत्पादों को मिले, जो असल में ASEAN क्षेत्र में बने हैं। अगर ये नियम सख्त होते हैं, तो केमिकल, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टरों को बड़ी राहत मिल सकती है। मनीला में हालिया बातचीत के बाद, अब अक्टूबर की मीटिंग बेहद निर्णायक होगी। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह सिर्फ व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की 'मेक इन इंडिया' रणनीति को मजबूती देने का एक बड़ा कदम है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.