India-Russia Trade: ट्रेड टारगेट $100 बिलियन के पार! अब इंडस्ट्रियल सेक्टर पर बड़ा दांव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India-Russia Trade: ट्रेड टारगेट $100 बिलियन के पार! अब इंडस्ट्रियल सेक्टर पर बड़ा दांव

भारत और रूस अब केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं रहेंगे। हाल ही में हुए INNOPROM इंडिया ट्रेड फेयर में दोनों देशों ने **2030** तक **$100 बिलियन** का ट्रेड टारगेट सेट किया है, जिसमें इंडस्ट्रियल मशीनरी और कंज्यूमर गुड्स पर फोकस बढ़ाया जा रहा है।

कमोडिटी से आगे की सोच

दोनों देशों के बीच अब तक ट्रेड मुख्य रूप से कमोडिटी और एनर्जी सेक्टर तक सीमित रहा है, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित INNOPROM इवेंट में 200 से ज्यादा एग्जिबिटर्स शामिल हुए, जिनका मकसद अब मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मेटलर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे हाई-वैल्यू सेक्टर में सहयोग करना है। इसका सीधा लक्ष्य रशियन टेक्निकल एक्सपर्टीज को भारतीय मैन्युफैक्चरिंग पावर के साथ जोड़ना है।

नई इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स

इस रणनीतिक बदलाव के तहत नवी मुंबई में 'Made in Russia' का एक परमानेंट पैवेलियन खोला गया है, जिसे RAI FAMILY CORP LLP मैनेज कर रही है। यह सेंटर रशियन कंज्यूमर ब्रांड्स के लिए भारतीय रिटेल मार्केट में एंट्री करने का गेटवे बनेगा। छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों (SMEs) के लिए यह एक बेहतर प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है।

निवेशकों के लिए जरूरी बातें

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि $100 बिलियन का लक्ष्य काफी बड़ा है और इसे हासिल करने के लिए पेमेंट सिस्टम और सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करना जरूरी होगा। अभी यह देखना महत्वपूर्ण है कि जियो-पॉलिटिकल हालातों के बीच इन नई सुविधाओं से व्यापारिक वॉल्यूम में कितनी तेजी आती है। SME कोऑपरेशन पोर्टल पर आने वाले अपडेट्स इस पूरी प्रक्रिया के भविष्य का आईना होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.