India Trade Policy: ओवरकैपेसिटी के आरोपों को भारत ने नकारा, **10%** US टैरिफ से बढ़ा दबाव

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AuthorNeha Patil|Published at:
India Trade Policy: ओवरकैपेसिटी के आरोपों को भारत ने नकारा, **10%** US टैरिफ से बढ़ा दबाव

G20 की बैठक में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत पर लगे 'स्ट्रक्चरल एक्सेस मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी' के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। इधर, अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यातकों पर पहले से ही **10%** का टैरिफ लागू है, जिससे एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंताएं बढ़ गई हैं।

गोयल का कड़ा रुख

मिलवौकी में आयोजित G20 ट्रेड मिनिस्टर्स मीटिंग में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता राज्य-समर्थित नहीं, बल्कि 1.4 अरब लोगों की घरेलू मांग और वैश्विक सप्लाई चेन का परिणाम है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन दावों को पूरी तरह खारिज किया।

निर्यातकों के लिए चुनौती

यह मामला ऐसे समय में गरमाया है जब भारतीय निर्यातक पहले से ही अमेरिकी जांच और व्यापारिक घर्षण से जूझ रहे हैं। जबरन श्रम (forced labour) और औद्योगिक उत्पादन को लेकर अमेरिका ने कुछ भारतीय आयातों पर 10% का टैरिफ लगा रखा है। निवेशकों के लिए यह एक जटिल स्थिति है, क्योंकि अमेरिकी बाजार पर निर्भर कंपनियों के रेवेन्यू पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका या अन्य देश इन जांचों के आधार पर और अधिक सख्त व्यापारिक नीतियां अपनाते हैं, तो सप्लाई चेन में बाधा आ सकती है। खासकर फार्मा, स्टील और टेक्सटाइल सेक्टर, जिनका एक्सपोर्ट में बड़ा योगदान है, वे इस रेगुलेटरी बदलाव के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। मार्जिन पर दबाव पड़ना निश्चित है, यदि कंपनियां टैरिफ की लागत को खुद वहन करती हैं।

WTO का रुख

पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि भारत वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के फ्रेमवर्क के भीतर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी एकतरफा प्रतिबंध या बाहरी निगरानी को स्वीकार नहीं करेगा और 'लेवल प्लेइंग फील्ड' के लिए एंटी-डंपिंग मैकेनिज्म का इस्तेमाल जारी रखेगा।

शेयरधारकों को अब उन कंपनियों के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए जिनका एक्सपोर्ट एक्सपोजर ज्यादा है, ताकि यह समझा जा सके कि वे इस टैरिफ लागत को कैसे मैनेज कर रही हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.