भारत का रिसाइकल प्लास्टिक सेक्टर साल **2031** तक **$11.71 बिलियन** तक पहुंचने की राह पर है। इस तेजी के पीछे सरकार के सख्त नियम जैसे Extended Producer Responsibility (EPR) हैं। यह बदलाव कंपनियों को सर्कुलर इकोनॉमी की ओर धकेल रहा है, जहां कचरा प्रबंधन (waste management) अब मुनाफे का एक जरूरी हिस्सा बन गया है।
बाजार में बड़े बदलाव की आहट
भारतीय रिसाइकल प्लास्टिक मार्केट एक बड़े ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजर रहा है। इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, यह सेक्टर 8.6% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के साथ $11.71 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। यह आंकड़ा भारत में कच्चे माल के मैनेजमेंट के बदलते तौर-तरीकों को दर्शाता है।
सरकारी नियमों का असर
अब कंपनियां 'लेना, इस्तेमाल करना और फेंकना' वाले पुराने मॉडल से हटकर 'सर्कुलर इकोनॉमी' की ओर बढ़ रही हैं। सरकार के कड़े नियमों, जैसे कि Extended Producer Responsibility (EPR) और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स ने निर्माताओं पर दबाव बनाया है। अब कंपनियों को न केवल अपने प्रोडक्ट के पूरे लाइफसाइकिल की जिम्मेदारी लेनी पड़ रही है, बल्कि उन्हें रिसाइकल किए गए मटेरियल का इस्तेमाल करने और वेस्ट कलेक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश करना पड़ रहा है।
कॉरपोरेट जगत की तैयारी
दिग्गज कंपनियां पहले ही इन नियमों के मुताबिक खुद को ढाल रही हैं। Colgate-Palmolive (India) Limited का उदाहरण सामने है, जिसने अपने सभी टूथपेस्ट ट्यूब्स को रिसाइक्लिंग के अनुकूल बना दिया है। कंपनी ने 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए 'प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रैलिटी' हासिल करने की रिपोर्ट भी दी है, जो रेगुलेशन का सीधा असर दिखाती है।
इसके अलावा, Gravita India जैसी कंपनियां मेटल और बैटरी रिसाइक्लिंग में अपनी जगह बना रही हैं। सरकार का 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' भी लिथियम और कोबाल्ट जैसे मिनरल्स के लिए विदेशी निर्भरता कम करने पर जोर दे रहा है, जो रिसाइक्लिंग स्पेस के लिए एक बड़ा मौका है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि ग्रोथ की संभावनाएं बड़ी हैं, लेकिन ऑपरेशनल चुनौतियां भी कम नहीं हैं। असंगठित क्षेत्र (informal sector) को संगठित अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। रिसाइकल रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। निवेशकों को चाहिए कि वे कंपनियों के EPR कंप्लायंस और रॉ मटेरियल मैनेजमेंट की बारीकी से निगरानी रखें।
