India-Canada Trade: भारत के लिए खुशखबरी, कनाडा के साथ ट्रेड में **$1.4 बिलियन** का बड़ा सरप्लस

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AuthorAditya Rao|Published at:
India-Canada Trade: भारत के लिए खुशखबरी, कनाडा के साथ ट्रेड में **$1.4 बिलियन** का बड़ा सरप्लस

FY2026 में भारत ने कनाडा के साथ अपने ट्रेड बैलेंस को पूरी तरह बदल दिया है। पिछले साल के घाटे को पीछे छोड़ते हुए भारत ने **$1.4 बिलियन** का सरप्लस दर्ज किया है, जो मुख्य रूप से **10.6%** बढ़ते एक्सपोर्ट और **26.1%** घटते इंपोर्ट का नतीजा है।

ट्रेड बैलेंस में बड़ा बदलाव

भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते नए मोड़ पर हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में भारत ने $1.4 बिलियन का सरप्लस हासिल किया है, जो पिछले साल के $200 मिलियन के घाटे (Deficit) के मुकाबले एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, कुल ट्रेड वॉल्यूम पिछले साल के $8.7 बिलियन से घटकर $8 बिलियन रह गया है, जो बताता है कि सरप्लस इंपोर्ट में कटौती के कारण आया है।

एक्सपोर्ट और इंपोर्ट का गणित

भारतीय एक्सपोर्ट में 10.6% की तेजी देखी गई है और यह $4.7 बिलियन तक पहुंच गया है। इसमें फार्मा सेक्टर का योगदान सबसे अहम रहा है। वहीं दूसरी ओर, कनाडा से होने वाले इंपोर्ट में 26.1% की भारी गिरावट आई है और यह $3.3 बिलियन पर सिमट गया है। इसमें कोयले (Coal) के इंपोर्ट में आई कमी सबसे ज्यादा उल्लेखनीय है।

क्या हैं नए अवसर?

अमेरिकी और कनाडाई व्यापारिक तनाव के बीच भारतीय कंपनियों के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं। मशीनरी, आयरन और स्टील जैसे सेक्टर में भारतीय एक्सपोर्टर्स कनाडा के मार्केट में खाली हुई जगह को भरने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें कनाडाई नियमों (Regulatory Standards) पर खरा उतरना होगा।

CEPA डील पर नजर

सरकार अब 2026 के अंत तक कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) को अंतिम रूप देने पर जोर दे रही है। दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक $70 बिलियन का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.