भारत बनी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी, PM मोदी का बड़ा ऐलान!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
भारत बनी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी, PM मोदी का बड़ा ऐलान!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, और यह उपलब्धि हमने जापान को पीछे छोड़कर हासिल की है।

'Fragile Five' से निकली भारतीय अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार, 15 अगस्त 2026 को देश की 80वीं स्वतंत्रता की वर्षगांठ पर राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत की आर्थिक यात्रा पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे भारत 'Fragile Five' की सूची से बाहर निकलकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 'Fragile Five' उन देशों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला टैग था जो बाहरी वित्तीय झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते थे।

जापान को पीछे छोड़कर हासिल की उपलब्धि

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 2025 के अंत में जापान को पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया। भारत का नॉमिनल जीडीपी (Nominal GDP) लगभग $4.18 ट्रिलियन तक पहुंच गया। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए वित्त मंत्रालय के हालिया आंकड़े जीडीपी को लगभग $3.92 ट्रिलियन रहने का अनुमान लगाते हैं। यह विकास 2013 के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है, जब Morgan Stanley जैसे ग्लोबल फाइनेंशियल संस्थानों ने भारत को ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की जैसे देशों के साथ उन अर्थव्यवस्थाओं में गिना था जो ग्लोबल अस्थिरता का शिकार हो सकती हैं।

आर्थिक आंकड़ों की असलियत

हालांकि जीडीपी रैंकिंग में यह बदलाव एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन आर्थिक आंकड़े अक्सर बदलते रहते हैं। ग्लोबल रैंकिंग पर करेंसी एक्सचेंज रेट, राष्ट्रीय लेखांकन विधियों में संशोधन और अमेरिका, चीन व जर्मनी जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर का भी असर पड़ता है। चूंकि भारतीय रुपये का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मूल्य हर दिन बदलता है, इसलिए नॉमिनल जीडीपी की गणना और उसके रूपांतरण के आधार पर रैंकिंग में उतार-चढ़ाव आ सकता है।

प्रति व्यक्ति आय और भविष्य की राह

आंकड़ों से परे, अर्थशास्त्री अक्सर कुल आर्थिक आकार और व्यक्तिगत संपत्ति के बीच के अंतर पर जोर देते हैं। भारत के कुल उत्पादन में वृद्धि हुई है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय (GDP per capita) के मामले में विकसित देशों के साथ अंतर को पाटने के लिए अभी भी काम किया जाना बाकी है। इसका मतलब है कि भले ही पूरी अर्थव्यवस्था का इंजन बढ़ा है, लेकिन प्रति व्यक्ति जो संपत्ति है, वह जापान या जर्मनी के मुकाबले काफी कम है।

सरकार का लक्ष्य 2047 तक 'विकसित भारत' (Viksit Bharat) बनना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए कई चीजें महत्वपूर्ण होंगी, जैसे कि वित्तीय सेहत का प्रबंधन, वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं से निपटना और अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रभाव को नियंत्रित करना। साथ ही, अर्थव्यवस्था को इस विकास की गति को बनाए रखना होगा और बड़े युवा कार्यबल के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे।

बाजार सहभागियों और आम नागरिकों के लिए, अगली महत्वपूर्ण जानकारी तिमाही जीडीपी (GDP) के आंकड़ों और वित्त मंत्रालय की रिपोर्टों से आएगी। ये रिपोर्टें घरेलू विकास, निर्यात प्रदर्शन और वैश्विक कमोडिटी (Commodity) की कीमतों के रुझान को स्पष्ट करेंगी कि कैसे ये कारक इस फाइनेंशियल ईयर के बाकी समय में देश की वैश्विक अर्थव्यवस्था में वास्तविक रैंकिंग को प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.