भारत और कतर के बीच **$10 अरब** के निवेश को अनलॉक करने के लिए Bilateral Investment Treaty और Free Trade Agreement पर बातचीत तेज हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कतर में QIA का ऑफिस खोलने और वहां UPI के विस्तार पर जोर दिया है।
बड़े निवेश की तैयारी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Asian Infrastructure and Investment Bank (AIIB) समिट के दौरान कतरी अधिकारियों के साथ आर्थिक समझौतों को तेजी से आगे बढ़ाने पर चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य केंद्र $10 अरब के उस निवेश वादे को धरातल पर उतारना है, जिसे नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट फंड (NIIF) के जरिए भारत की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में लगाया जाएगा।
कतर का भारत में ऑफिस
एक बड़ा अपडेट यह है कि कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) भारत में अपना एक लोकल ऑफिस खोलने की योजना बना रही है। इससे निवेश की मॉनिटरिंग आसान होगी और डील-मेकिंग में लगने वाला समय कम हो जाएगा। वहीं, कतर के फाइनेंशियल इकोसिस्टम में भारत के UPI को लाने की चर्चा भी जोरों पर है, जिससे वहां रह रहे भारतीयों और टूरिस्टों के लिए ट्रांजेक्शन आसान हो जाएंगे।
आर्थिक मजबूती का संकेत
भारत ने अपनी बात रखते हुए हालिया 7.8% की जीडीपी ग्रोथ और Japan Credit Rating द्वारा भारत की रेटिंग को अपग्रेड करके 'A-' करने का जिक्र किया। यह कदम विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे समुद्री रास्तों पर सुरक्षा और व्यापारिक स्थिरता को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
अब बाजार की नजरें इस बात पर हैं कि इन समझौतों को अंतिम रूप देने में कितना समय लगता है और NIIF-QIA के जरिए कौन से प्रोजेक्ट्स को सबसे पहले फंडिंग मिलती है।
