Private Sector Capex: भारतीय कंपनियों का बड़ा दांव, FY26 में **₹5.6 लाख करोड़** का भारी निवेश

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AuthorMehul Desai|Published at:
Private Sector Capex: भारतीय कंपनियों का बड़ा दांव, FY26 में **₹5.6 लाख करोड़** का भारी निवेश

Reserve Bank of India (RBI) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्राइवेट सेक्टर में निवेश की रफ्तार बढ़ गई है। FY26 में **1,839** नई परियोजनाओं के लिए **₹5.6 लाख करोड़** का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) घोषित किया गया है, जिसमें बैंकों की भूमिका अहम रही है।

भारतीय प्राइवेट सेक्टर अब बड़े विस्तार की ओर कदम बढ़ा रहा है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, FY26 में कुल 1,839 नई परियोजनाएं शुरू की गईं, जिनका कुल मूल्य ₹5.6 लाख करोड़ है। पिछले फाइनेंशियल ईयर यानी FY25 में यह आंकड़ा 1,581 परियोजनाओं के लिए ₹4.98 लाख करोड़ था। यह ग्रोथ साफ दर्शाती है कि कंपनियां अब अपनी इंडस्ट्रियल बेस को मजबूत करने के लिए फिजिकल एसेट्स बनाने पर जोर दे रही हैं।

बैंकों से मिल रही है ताकत

इस निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा बैंकिंग सिस्टम से आ रहा है। कुल पूंजी का 77% हिस्सा कमर्शियल बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों द्वारा जुटाया गया है, जो पिछले साल के 73% से ज्यादा है। कंपनियां विदेशी कर्ज के बजाय घरेलू बैंकों पर भरोसा जता रही हैं, ताकि करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचा जा सके। बैंकों के पास लिक्विडिटी की स्थिति काफी मजबूत है, जिससे लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग आसानी से मिल रही है।

सेक्टर का हाल और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन

निवेश मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में केंद्रित है, जिसमें अकेले पावर सेक्टर की हिस्सेदारी 39% है। इसके अलावा रियल एस्टेट, मेटल्स, सीमेंट और केमिकल्स सेक्टर में भी तेजी देखी जा रही है। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में लोन की हिस्सेदारी गिरकर सिर्फ 0.9% रह गई है, जो यह संकेत है कि इस सेक्टर में शुरुआती उत्साह थोड़ा कम हुआ है।

इस निवेश चक्र के पीछे मुख्य कारण कंपनियों का 76% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन है। जब फैक्ट्री या प्लांट अपनी क्षमता के करीब पहुंच जाते हैं, तो भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए नया निवेश जरूरी हो जाता है। यही वजह है कि FY27 की पहली तिमाही में फिजिकल एसेट्स में निवेश 11.9% बढ़ा है। अगस्त में इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 18% रही, जबकि मिड-साइज इंडस्ट्रीज की लोन डिमांड में 32% का बड़ा उछाल देखा गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.