CA Act में बड़े बदलाव की तैयारी: ग्लोबल दिग्गजों को टक्कर देने के लिए भारतीय ऑडिट फर्मों को मिलेगी नई ताकत

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AuthorAditya Rao|Published at:
CA Act में बड़े बदलाव की तैयारी: ग्लोबल दिग्गजों को टक्कर देने के लिए भारतीय ऑडिट फर्मों को मिलेगी नई ताकत

सरकार चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट में बदलाव की योजना बना रही है, जिससे ऑडिट फर्मों में बाहरी निवेश (External Capital) और मल्टी-डिसिप्लिनरी सेवाओं को मंजूरी मिल सकेगी। इस कदम का लक्ष्य घरेलू फर्मों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है, हालांकि ऑडिट की स्वतंत्रता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

बड़े बदलाव की दिशा में भारत

प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में भारत एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। सरकार और ICAI (Institute of Chartered Accountants of India) मिलकर CA एक्ट में संशोधन पर काम कर रहे हैं। अभी तक भारतीय CA फर्में सख्त पार्टनरशिप मॉडल के तहत काम करती हैं, जिससे उन्हें बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी या विस्तार के लिए फंड जुटाने में मुश्किलें आती हैं।

क्यों है ये बदलाव जरूरी?

आंकड़े बताते हैं कि भारत की लिस्टेड मार्केट कैप का करीब 51% हिस्सा विदेशी नेटवर्क वाली फर्मों द्वारा ऑडिट किया जाता है। Deloitte और PwC जैसी ग्लोबल कंपनियों के पास कंसल्टिंग, इंजीनियरिंग और लीगल सपोर्ट जैसी मल्टी-डिसिप्लिनरी सेवाएं होती हैं, जिसके चलते वे भारतीय फर्मों पर भारी पड़ती हैं। अब सरकार घरेलू फर्मों को इसी तर्ज पर खड़ा करना चाहती है ताकि वे भी बड़े कॉर्पोरेट कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल कर सकें।

ऑडिट इंडिपेंडेंस: सबसे बड़ी चुनौती

इस बदलाव के साथ ही रेगुलेटरी जोखिम भी जुड़े हैं। सवाल यह है कि यदि बाहर से पूंजी आएगी, तो क्या ऑडिट की निष्पक्षता बनी रहेगी? प्रॉफिट-ड्रिवेन निवेशक क्या ऑडिट के फैसलों को प्रभावित नहीं करेंगे? ICAI पहले भी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग को लेकर काफी सतर्क रहा है और पारदर्शिता की कमी को लेकर चिंता जाहिर करता रहा है।

सरकारी टेंडर में मिलेगी राहत

सिर्फ कानून ही नहीं, बल्कि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने सरकारी खरीद (Public Procurement) नियमों में भी बदलाव के संकेत दिए हैं। अब टेंडर हासिल करने के लिए टर्नओवर या कर्मचारियों की संख्या जैसे कड़े नियम हटाए जा रहे हैं, ताकि घरेलू फर्मों को अपने ट्रैक रिकॉर्ड को मजबूत करने का मौका मिले।

निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार फाइनल ड्राफ्ट में क्या सुरक्षा उपाय जोड़ती है और क्या ये नियम लागू होने के बाद भारत में बड़ी घरेलू प्रोफेशनल सर्विस कंपनियां उभर पाती हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.