केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya ने **1 करोड़** युवाओं को AI स्किल्स में प्रशिक्षित करने और लेबर कोड्स को आधुनिक बनाने का ऐलान किया है। इस पहल का मकसद इंडस्ट्री और वर्कफोर्स के बीच की खाई को कम करना है।
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री Mansukh Mandaviya ने भारत के इंडस्ट्रियल लैंडस्केप को बदलने के लिए एक बड़ा विजन पेश किया है। नई दिल्ली में आयोजित एक नेशनल कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अगले एक साल के भीतर 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में ट्रेनिंग देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह कदम भारतीय वर्कफोर्स को ऑटोमेशन और रोबोटिक्स के दौर के लिए तैयार करने की एक बड़ी कोशिश है।
लेबर कानूनों का आधुनिकीकरण (Modernization of Labor Laws)
सरकार लंबे समय से लेबर कानूनों को सरल बनाने पर काम कर रही है। इसमें वेज, इंडस्ट्रियल रिलेशंस, सोशल सिक्योरिटी और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी को मिलाकर 4 नए कोड्स तैयार किए जा रहे हैं। इन रिफॉर्म्स का मुख्य उद्देश्य बिजनेस के लिए कंप्लायंस की जटिलताओं को कम करना है। हालांकि, कंपनियों को अपने HR और पेरोल सिस्टम को इस नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के अनुसार ढालना होगा।
EPFO 3.0 का डिजिटल पुश
श्रम मंत्रालय सोशल सिक्योरिटी सिस्टम को डिजिटल बनाने पर भी जोर दे रहा है। EPFO अपने 'EPFO 3.0' प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसे कोर बैंकिंग की तर्ज पर आधुनिक बनाया जा रहा है। इसका लक्ष्य एडमिनिस्ट्रेटिव बाधाओं को खत्म करना और कंपनियों के कंप्लायंस कॉस्ट को कम करना है।
'श्रम संवाद' अभियान
सरकार 316 जिलों में 'श्रम संवाद' कैंपेन चला रही है, ताकि इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के बीच सरकारी स्कीमों और वर्कर राइट्स के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन रिफॉर्म्स का असर मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर की प्रोडक्टिविटी पर दिखेगा। अगर इन बदलावों को तेजी से लागू किया गया, तो इंडस्ट्रियल रिलेशन का माहौल और भी बेहतर और अनुमानित हो सकता है।
