India-New Zealand Trade Pact: **$6 बिलियन** का नया रास्ता खुला, 20 अक्टूबर से बदल जाएगी एक्सपोर्ट की तस्वीर

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AuthorMehul Desai|Published at:
India-New Zealand Trade Pact: **$6 बिलियन** का नया रास्ता खुला, 20 अक्टूबर से बदल जाएगी एक्सपोर्ट की तस्वीर

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 20 अक्टूबर से लागू हो रहा है, जिससे भारतीय सामानों पर सभी टैरिफ खत्म हो जाएंगे। यह **$6 बिलियन** के एक्सपोर्ट बाजार का दरवाजा खोलेगा और कंपनियों को सप्लाई चेन में नई विविधता देगा।

20 अक्टूबर से भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए न्यूजीलैंड का बाजार पूरी तरह से टैरिफ-फ्री हो जाएगा। इस ऐतिहासिक एग्रीमेंट का उद्देश्य भारतीय कंपनियों के लिए $6 बिलियन का एक नया एक्सपोर्ट अवसर तैयार करना है, जिससे गल्फ रीजन के अस्थिर ट्रेड रूटों पर निर्भरता कम हो सकेगी।

किन सेक्टरों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

यह समझौता उन सेक्टर्स पर केंद्रित है जहां भारत की उत्पादन क्षमता तो मजबूत है, लेकिन न्यूजीलैंड के बाजार में हिस्सेदारी अभी कम है। सबसे बड़ा फोकस फार्मास्युटिकल सेक्टर पर है। आंकड़े बताते हैं कि न्यूजीलैंड सालाना लगभग $763 मिलियन की दवाएं इम्पोर्ट करता है, लेकिन भारत की हिस्सेदारी मात्र $69 मिलियन है। टैरिफ खत्म होने से इम्यूनोलॉजिकल उत्पादों और दवाओं की कीमतों में भारतीय कंपनियों को बड़ा कॉम्पिटिटिव एडवांटेज मिलेगा।

इसके अलावा, मशीनरी और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट (जैसे फोर्कलिफ्ट) में भी ग्रोथ के बड़े आसार हैं। अब तक ट्रेड बैरियर्स के कारण भारत की यहां मौजूदगी सीमित थी, लेकिन अब भारतीय माल ग्लोबल सप्लायर्स को कड़ी टक्कर देगा।

लॉजिस्टिक्स की चुनौती और रणनीति

यह डील गल्फ रूट के संकट को देखते हुए भारतीय निर्यातकों के लिए एक 'सेफ हेवन' की तरह है। जानकारों का मानना है कि न्यूजीलैंड का बाजार लगभग 12% उस एक्सपोर्ट वॉल्यूम को सोख सकता है, जो फिलहाल वेस्ट एशियन कॉरिडोर के तनाव से प्रभावित है।

हालांकि, एक बड़ी चुनौती दूरी की है। न्यूजीलैंड का बाजार गल्फ देशों की तुलना में काफी दूर है, जिसके कारण लॉजिस्टिक्स और शिपिंग कॉस्ट बढ़ सकती है। कंपनियों के मुनाफे (Profit Margins) इस बात पर निर्भर करेंगे कि वे लंबी दूरी की इस सप्लाई चेन को कितनी कुशलता से मैनेज करती हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में फार्मा, मशीनरी और ज्वैलरी कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर खास नजर रखनी चाहिए, क्योंकि असली असर एक्सपोर्ट वॉल्यूम के डेटा से ही पता चलेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.