India-New Zealand FTA: 20 अक्टूबर से बदलेगी ट्रेड की तस्वीर, एक्सपोर्टर्स को मिलेगा बड़ा बूस्ट

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AuthorAditya Rao|Published at:
India-New Zealand FTA: 20 अक्टूबर से बदलेगी ट्रेड की तस्वीर, एक्सपोर्टर्स को मिलेगा बड़ा बूस्ट

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 20 अक्टूबर से लागू हो रहा है। इस डील के तहत भारतीय एक्सपोर्टर्स को न्यूजीलैंड के बाजार में बिना किसी ड्यूटी के माल बेचने की सुविधा मिलेगी, जबकि भारत ने अपने डेयरी और कृषि सेक्टर को सुरक्षित रखा है।

जीरो-ड्यूटी का मिलेगा फायदा

20 अक्टूबर से शुरू हो रहे इस एग्रीमेंट के साथ ही न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय सामानों पर लगने वाली 5% से 10% तक की टेरिफ बाधाएं खत्म हो जाएंगी। इससे भारतीय उत्पादों को वहां के मार्केट में बेहतर प्राइस कॉम्पिटिटिवनेस मिलेगी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने 19 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक विशेष समारोह का आयोजन किया है, जो इस एग्रीमेंट की शुरुआत का प्रतीक होगा।

किन सेक्टरों को होगा फायदा?

इस डील से टेक्सटाइल, कारपेट, लेदर, फुटवियर, केमिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और ऑटो कंपोनेंट्स से जुड़े भारतीय उद्योगों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि ड्यूटी-फ्री लाभ पाने के लिए कंपनियों को 'रूल्स ऑफ ओरिजिन' और जरूरी सर्टिफिकेशन की सख्ती से पालना करनी होगी।

निवेश और सुरक्षा का तालमेल

न्यूजीलैंड ने अगले 15 सालों में भारत में $20 बिलियन का निवेश करने का वादा किया है, जो देश में लंबी अवधि की क्षमता निर्माण में मददगार साबित होगा।

वहीं, भारत ने एक संतुलित रुख अपनाते हुए अपने डेयरी और चुनिंदा कृषि सेक्टर को इस एग्रीमेंट से बाहर रखा है ताकि घरेलू उत्पादकों को किसी तरह का खतरा न हो। फाइनेंशियल ईयर 2026 में दोनों देशों के बीच गुड्स ट्रेड $1.15 बिलियन का रहा था, जिसके इस नए फ्रेमवर्क के साथ बढ़ने की पूरी संभावना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.