जुलाई 2026 में भारत में रिकॉर्ड तोड़ विदेशी निवेश (FDI) आया है। नेट FDI का आंकड़ा **$7.3 बिलियन** के स्तर को छू गया है, जो पिछले पांच वर्षों में किसी भी एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
जुलाई 2026 में भारत में विदेशी निवेश ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। महज एक महीने पहले यह आंकड़ा $1.3 बिलियन था, जो अब उछलकर $7.3 बिलियन पर पहुंच गया है। इस महीने का ग्रॉस इनफ्लो $14.6 बिलियन दर्ज किया गया, जिसने इस रिकॉर्ड स्तर को संभव बनाया है।
किन सेक्टरों में है सबसे ज्यादा पैसा?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, यह सारा पैसा समान रूप से नहीं बंटा है। संचार (Communication), फाइनेंशियल और कंप्यूटर सर्विसेज सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं। जुलाई में कुल इक्विटी इनफ्लो का 80% से अधिक हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों में आया है, जो दिखाता है कि ग्लोबल फंड्स भारत की डिजिटल और फाइनेंशियल ग्रोथ पर बड़ा दांव लगा रहे हैं।
कहां से आ रहा है पैसा?
निवेश का स्रोत अभी भी काफी केंद्रित है। देश में आने वाली कुल इक्विटी का लगभग 70% हिस्सा मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका जैसे चुनिंदा देशों से आया है। फाइनेंशियल ईयर की बात करें, तो अप्रैल से जुलाई के बीच संचयी (cumulative) नेट FDI $13.4 बिलियन हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के $9.7 बिलियन से काफी अधिक है।
भारतीय कंपनियों का ग्लोबल विस्तार
सिर्फ विदेशी पैसा ही नहीं आ रहा, बल्कि भारतीय कंपनियां भी विदेशों में विस्तार कर रही हैं। जुलाई में भारतीय फर्मों ने सिंगापुर, यूके और UAE में निवेश बढ़ाया है। मुख्य रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में यह विस्तार देखने को मिल रहा है। यह कुल आउटवर्ड इन्वेस्टमेंट का दो-तिहाई हिस्सा है, जो संकेत देता है कि भारतीय कंपनियां अब ग्लोबल मार्केट में अपनी पैठ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
