Direct Tax Collection: सरकारी खजाने में बंपर कमाई, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन **13.2%** बढ़ा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Direct Tax Collection: सरकारी खजाने में बंपर कमाई, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन **13.2%** बढ़ा

14 अक्टूबर 2026 तक भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन **₹13.37 लाख करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है। कॉरपोरेट मुनाफे और शेयर बाजार की जबरदस्त हलचल ने इस सरकारी खजाने को भरने में अहम भूमिका निभाई है।

मुनाफे का दमदार असर

चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले हाफ में टैक्स कलेक्शन ने नई ऊंचाई छुई है। 14 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरकार का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 13.2% बढ़कर ₹13.37 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाने के लिए काफी है।

कॉरपोरेट टैक्स का जलवा

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ी ताकत कॉरपोरेट टैक्स रहा है, जो 21% की बढ़त के साथ ₹5.99 लाख करोड़ हो गया है। वहीं, पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन में 5.8% की धीमी वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹6.92 लाख करोड़ रहा।

बाजार की रौनक से मालामाल सरकार

शेयर बाजार की तेजी का सीधा फायदा सरकारी खजाने को हुआ है। सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) कलेक्शन में 51% का बड़ा उछाल देखने को मिला है, जो ₹46,840 करोड़ तक पहुंच गया। यह साफ दिखाता है कि बाजार में रिटेल और इंस्टीट्यूशनल ट्रेडर्स की भागीदारी कितनी सक्रिय है।

रिफंड की रफ्तार भी तेज

सरकार न सिर्फ टैक्स वसूल रही है, बल्कि टैक्सपेयर्स को रिफंड देने में भी काफी तेज है। इस दौरान टैक्स रिफंड में 24.2% की बढ़ोतरी हुई है और कुल रिफंड ₹2.65 लाख करोड़ के पार चले गए हैं। इसके बावजूद ग्रॉस टैक्स कलेक्शन ₹16.03 लाख करोड़ होना देश का टैक्स बेस बढ़ने का संकेत है। अब आने वाले समय में यह सरकारी खर्च और फिस्कल डेफिसिट के टारगेट्स को पूरा करने में काफी मददगार साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.