Emkay Global: मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए STT में कटौती जरूरी

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
Emkay Global: मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए STT में कटौती जरूरी

Emkay Global की अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा का मानना है कि मार्केट की लिक्विडिटी सुधारने के लिए कैपिटल गेन्स टैक्स में बदलाव के बजाय STT (सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स) को कम करना ज्यादा असरदार होगा।

मार्केट में ट्रेडिंग को आसान बनाने के लिए Emkay Global ने एक अहम सुझाव दिया है। फिलहाल निवेशकों पर दोहरा बोझ है—एक तो कैपिटल गेन्स टैक्स और दूसरा शेयरों की खरीद-बिक्री पर लगने वाला 0.1% का STT। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) के मौजूदा 12.5% वाले टैक्स ढांचे के साथ छेड़छाड़ करने के बजाय ट्रांजैक्शन कॉस्ट को हटा दे, तो मार्केट में लिक्विडिटी का प्रवाह तेजी से बढ़ सकता है।

AI का ट्रेड और इंडेक्स की हकीकत

बाजार में चर्चा है कि ग्लोबल AI सेक्टर से पैसा निकलकर भारतीय शेयरों में आ सकता है। हालांकि, Emkay Global के मुताबिक यह सोचना थोड़ा जल्दबाजी होगी। Nifty में 36% वेटेज सिर्फ फाइनेंशियल स्टॉक्स का है, जिससे भारत का सीधा एक्सपोजर सेमीकंडक्टर या AI-हार्डवेयर जैसे ग्लोबल टेक साइकिल से काफी कम हो जाता है। विदेशी निवेश के लिए सिर्फ ग्लोबल रोटेशन काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए स्टेबल डॉलर यील्ड और मजबूत कॉर्पोरेट अर्निंग्स की दरकार है।

कच्चे तेल की कीमतों से भारत को रिस्क

भारत का 7% GDP ग्रोथ का टारगेट अभी भी सुरक्षित दिखता है, लेकिन कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें इस पर बड़ा ब्रेक लगा सकती हैं। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में क्रूड इंपोर्ट 24% से ज्यादा बढ़ा है। अगर क्रूड की कीमतें $110 प्रति बैरल के पार जाती हैं, तो यह विकास दर को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। लॉन्ग टर्म में 8% की ग्रोथ हासिल करने के लिए रिजर्व बैंक की पॉलिसी के बजाय अब ऊर्जा क्षेत्र और मैन्युफैक्चरिंग में बड़े स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स की ज्यादा जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.