Fiscal Deficit Target: सरकार का अनुशासन कायम, FY26 में 4.4% रहा फिस्कल डेफिसिट

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Fiscal Deficit Target: सरकार का अनुशासन कायम, FY26 में 4.4% रहा फिस्कल डेफिसिट

भारत ने फाइनेंशियल ईयर 2026 को **4.4%** के फिस्कल डेफिसिट के साथ सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। सरकार ने इस दौरान कुल **₹15.19 लाख करोड़** का घाटा दर्ज किया है, जो देश की मजबूत होती आर्थिक स्थिति का प्रमाण है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुष्टि की है कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए भारत ने अपना 4.4% का फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह आंकड़ा सरकार के संशोधित अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप है।

निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?

निवेशकों के नजरिए से फिस्कल डेफिसिट सरकारी सेहत का सबसे बड़ा पैमाना है। आसान शब्दों में कहें तो यह सरकार की कमाई और उसके खर्च के बीच का अंतर है। जब यह अंतर काबू में रहता है, तो सरकार को बाजार से कम कर्ज लेना पड़ता है। इसका सीधा फायदा प्राइवेट सेक्टर और बैंकों को मिलता है, क्योंकि बाजार में ज्यादा क्रेडिट उपलब्ध रहता है। नतीजतन, ब्याज दरें स्थिर रहती हैं और कंपनियों की ग्रोथ को रफ्तार मिलती है।

आगे का रोडमैप क्या है?

सरकार अब अपने लॉन्ग टर्म लक्ष्यों पर फोकस कर रही है, जिसमें 2030 तक डेट-टू-जीडीपी रेशियो को 50% तक लाना शामिल है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और सामाजिक कल्याण योजनाओं के बजट में कटौती किए बिना ही इन लक्ष्यों को पूरा किया गया है।

अब सरकार ने आगामी फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य 4.3% तय किया है। हालांकि, इसे हासिल करने की राह ग्लोबल एनर्जी कीमतों और भू-राजनीतिक (Geopolitical) स्थिरता पर भी निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.